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वियतनाम में स्पीडबोट पलटी: 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, कई लापता

हादसे का विवरण वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हॉन माय रुत नगोई द्वीप से रवाना हुई एक स्पीडबोट रविवार (12 जुलाई 2026) को पलट गई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत…

हादसे का विवरण

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हॉन माय रुत नगोई द्वीप से रवाना हुई एक स्पीडबोट रविवार (12 जुलाई 2026) को पलट गई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। बोट में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 चालक दल के सदस्य शामिल थे। मृतकों में तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के 3 और केरल के 2 लोग हैं। शव सोमवार को भारत लाए जाने की संभावना है।

बचे लोगों ने सुनाई दर्दनाक कहानी

तमिलनाडु के पलानी निवासी एस. निर्मलकुमार उन बचे लोगों में से हैं जिन्होंने इस हादसे को करीब से देखा। उन्होंने बताया, "दोपहर करीब 12 बजे थे। पास के एक द्वीप पर दोपहर के भोजन की व्यवस्था थी। बोट पर सभी ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी।" उन्होंने आगे कहा, "समुद्र में लहरें तेज थीं, इसलिए बोट रवाना होने के बाद से ही डगमगा रही थी। हालांकि बोट पर केवल 36 लोग थे, लेकिन यह ओवरलोड लग रही थी। एक बिंदु पर, जब बोट चालक ने तेज मोड़ लिया, तो बोट एक तरफ झुक गई। इससे सारा वजन उस तरफ चला गया और बोट का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद बोट पलट गई। यह सब रवाना होने के तीन मिनट के भीतर हुआ। उस समय बोट किनारे से महज 300 मीटर दूर रही होगी।"

निर्मलकुमार ने बताया कि बोट के झुकते ही चालक और गाइड पानी में कूद गए। वह आगे बैठे थे, इसलिए उन्होंने भी कूदकर जान बचाई। लेकिन पीछे बैठे लोग बाहर नहीं निकल पाए और बोट के पलटने पर अंदर फंस गए। उनके करीबी दोस्त मुरुगप्रभु भी पीछे बैठे थे, जिससे वह बच नहीं पाए।

बचाव में कमी से बढ़ी मुसीबत

हादसे में बचे एक अन्य व्यक्ति रामासुब्बू (51) ने बताया कि अगर मौके पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधा होती तो और जानें बचाई जा सकती थीं। उन्होंने कहा, "जब तेज गति से चल रही बोट ने मोड़ लिया, तो एक तरफ के लोग दूसरी तरफ गिर गए। इससे वजन एक तरफ बढ़ गया और बोट पलटने लगी। आगे वालों को कूदते देख मैं भी पानी में कूद गया। बोट के नीचे से कुछ लोगों को जीवित बचाया गया, लेकिन किनारे पर केवल एक-दो डॉक्टर थे और ऑक्सीजन सिलिंडर भी सीमित थे। गंभीर रूप से घायलों को अस्पताल ले जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी।"

प्रभाव और आगे की कार्रवाई

इस हादसे ने भारतीय पर्यटकों के बीच सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वियतनामी अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। भारतीय दूतावास मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्री यात्राओं के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और लाइफ जैकेट पहनना सुनिश्चित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

वियतनाम में स्पीडबोट हादसे में कितने भारतीयों की मौत हुई?

इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हुई, जिनमें तमिलनाडु से 10, आंध्र प्रदेश से 3 और केरल से 2 लोग शामिल हैं।

हादसा कब और कहां हुआ?

यह हादसा 12 जुलाई 2026 को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हॉन माय रुत नगोई द्वीप से स्पीडबोट के रवाना होने के तीन मिनट बाद हुआ।

हादसे का कारण क्या बताया जा रहा है?

बचे लोगों के अनुसार, समुद्र में लहरें तेज थीं और बोट के तेज मोड़ पर यात्री एक तरफ खिसक गए, जिससे बोट का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।

क्या बचाव कार्य में कमी रही?

एक बचे व्यक्ति ने बताया कि किनारे पर केवल एक-दो डॉक्टर और ऑक्सीजन सिलिंडर थे, जिससे गंभीर रूप से घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल सका।

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