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Venkaiah Naidu ने एंटी-डिफेक्शन लॉ को सख्त बनाने और मुफ्त उपहारों पर लगाम लगाने का किया आह्वान

मुख्य तथ्य पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को एंटी-डिफेक्शन लॉ को सख्ती से लागू करने और संविधान की 10वीं अनुसूची में संशोधन की मांग की। उन्होंने दलबदल की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई…

मुख्य तथ्य

पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को एंटी-डिफेक्शन लॉ को सख्ती से लागू करने और संविधान की 10वीं अनुसूची में संशोधन की मांग की। उन्होंने दलबदल की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई और कहा कि विधायकों के पार्टी बदलने के तीन महीने के भीतर अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।

विवरण

हैदराबाद में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए नायडू ने कहा कि दलबदल अब आम हो गया है और नेता एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उन्होंने राज्यसभा के सभापति के रूप में अपने कार्यकाल का उल्लेख किया जब सी.एम. रमेश, सुजाना चौधरी और टी.जी. वेंकटेश जैसे नेताओं ने पार्टी बदली थी। नायडू ने कहा, "मैंने तब भी ऐसे विकासों की सराहना नहीं की थी।" उन्होंने बताया कि तेलंगाना में कई विधायकों के दलबदल से संबंधित याचिकाएं स्पीकर के पास लंबित हैं।

नायडू ने राजनीतिक दलों द्वारा वित्तीय अनुशासन के बिना मुफ्त उपहारों का वादा करने की प्रवृत्ति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "महीने की 20 तारीख आते ही सरकारें अगले महीने की पहली तारीख को वेतन देने के लिए संघर्ष करती हैं। मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि वेतन समय पर नहीं दिया जा सकता। ऐसे में और योजनाएं घोषित करना क्यों, खासकर जब राज्य केंद्रीय कोष पर निर्भर हैं?"

प्रभाव और प्रतिक्रिया

नायडू ने कहा कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं और राजनीतिक नेताओं को योजनाओं की घोषणा से पहले धन जुटाने का तरीका बताना चाहिए। उन्होंने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाओं की स्थिरता पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, "दूसरे राज्य में पुरुषों के लिए भी मुफ्त यात्रा की बात हो रही है। क्या आरटीसी ऐसी परिस्थितियों में बच सकती हैं?"

नायडू ने जोर देकर कहा कि जनता को मुफ्त योजनाएं नहीं, बल्कि बेहतर शासन चाहिए। "जनता को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवा और गरीबों के लिए बेहतर जीवन स्तर की आवश्यकता है।" इस कार्यक्रम में ओडिशा के राज्यपाल के. हरिबाबू, त्रिपुरा के राज्यपाल एन. इंद्रसेना रेड्डी और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी उपस्थित थे।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • एंटी-डिफेक्शन लॉ को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
  • राज्यों को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी गई है।
  • मुफ्त योजनाओं की बजाय बुनियादी सेवाओं पर ध्यान देने की बात कही गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एंटी-डिफेक्शन लॉ में क्या बदलाव चाहते हैं वेंकैया नायडू?

उन्होंने दलबदल के मामलों में तीन महीने के भीतर अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू करने और 10वीं अनुसूची में संशोधन की सिफारिश की।

वेंकैया नायडू ने मुफ्त उपहारों पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि सरकारों को वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद ही योजनाएं घोषित करनी चाहिए, अन्यथा वेतन भी समय पर नहीं दिया जा सकता।

क्या वेंकैया नायडू ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का समर्थन किया?

नहीं, उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आरटीसी ऐसी योजनाओं से बच सकती हैं, और इसे टिकाऊ नहीं बताया।

स्रोत: www.thehindu.com

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