Desh Duniya | China

अमेरिका ने बदला सैन्य कमान का नाम: ‘इंडो-पैसिफिक’ से ‘पैसिफिक कमांड’ हुआ, भारत पर क्या होगा असर?

मुख्य तथ्य अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने बुधवार को घोषणा की कि वह अपने सबसे पुराने और सबसे बड़े सैन्य कमान का नाम ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ से बदलकर ‘पैसिफिक कमांड’ कर रहा है। यह बदलाव ऐसे…

मुख्य तथ्य

अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने बुधवार को घोषणा की कि वह अपने सबसे पुराने और सबसे बड़े सैन्य कमान का नाम 'इंडो-पैसिफिक कमांड' से बदलकर 'पैसिफिक कमांड' कर रहा है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका चीन के साथ अपने संबंधों को पुनर्संतुलित कर रहा है। इस फैसले ने भारत में इंडो-पैसिफिक अवधारणा और क्वाड समूह के प्रति वाशिंगटन की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विस्तार से जानकारी

अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, नाम बदलने का उद्देश्य कमान की ऐतिहासिक जड़ों का सम्मान करना है, हालांकि इसकी जिम्मेदारी का क्षेत्र - अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक - वही रहेगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के मौके पर निर्धारित बैठक से कुछ घंटे पहले आई।

इससे पहले, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग में कहा था कि अमेरिका प्रशांत क्षेत्र में 'यथार्थवाद की ओर वापसी' कर रहा है और 'शक्ति और हितों की वास्तविकताओं पर आधारित' नई दिशा तय कर रहा है।

विशेषज्ञों की राय

भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश ने इस कदम को अमेरिकी नीतियों की 'अविश्वसनीयता और खराब सोच' का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि 2018 में जब यह नाम बदला गया था, तब इसे एक बड़ा कदम बताया गया था, लेकिन अब हित बदल गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इंडो-पैसिफिक कमांड नाम अमेरिका की रचना थी जिसका उद्देश्य भारत को अपनी योजनाओं में शामिल करना था।

पूर्व राजदूत राजीव भाटिया ने तीन मुख्य निष्कर्ष निकाले: पहला, कोविड-19 महामारी के बाद से इंडो-पैसिफिक अवधारणा की प्रासंगिकता कम हुई है; दूसरा, सब कुछ चीन के प्रति अमेरिकी नीति से जुड़ा है, और ट्रंप की बीजिंग यात्रा और हेगसेथ के भाषण के बाद स्पष्टता आई है; तीसरा, ट्रंप क्वाड से अलग-थलग रहे हैं, जो इंडो-पैसिफिक और चीन पर अमेरिकी रुख का संकेत है।

पूर्व विदेश सचिव निरुपमा मेनन राव ने कहा कि 'चीन कारक' ने भारत और अमेरिका को करीब लाया, लेकिन यह संबंध बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं था। उन्होंने नाम बदलने को एक 'स्वस्थ सुधार' बताया जो भारत को अपने हितों का यथार्थवादी आकलन करने के लिए मजबूर करता है।

भारत पर संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से इंडो-पैसिफिक अवधारणा और क्वाड की प्रासंगिकता कम हो सकती है। भारत को अमेरिका के साथ अपने संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करना होगा और यह देखना होगा कि उसके हित कहां मिलते हैं और कहां नहीं। राव ने चेतावनी दी कि भारत-अमेरिका संबंधों का 'उत्साहपूर्ण चरण' समाप्त हो सकता है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

  • यह बदलाव भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।
  • क्वाड की भविष्य की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर ट्रंप प्रशासन के तहत।
  • भारत को अपनी विदेश नीति में स्वतंत्र रुख अपनाने की आवश्यकता हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अमेरिका ने इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम क्यों बदला?

अमेरिकी रक्षा विभाग ने ऐतिहासिक जड़ों का सम्मान करने के लिए नाम बदलने का फैसला किया, हालांकि इसके पीछे चीन के साथ संबंधों को संतुलित करने की रणनीति भी मानी जा रही है।

इस फैसले से भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इंडो-पैसिफिक अवधारणा और क्वाड की प्रासंगिकता कम हो सकती है, और भारत को अमेरिका के साथ अपने हितों का यथार्थवादी आकलन करना होगा।

क्या इससे क्वाड पर असर पड़ेगा?

हां, ट्रंप प्रशासन के क्वाड से दूरी बनाने और चीन से रणनीतिक स्थिरता की बात करने से क्वाड की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

Follow us on Google News

Explore more

सुप्रीम कोर्ट ने साइबर ठगों को ‘परजीवी’ बताया, जमानत याचिका खारिज

मुख्य तथ्य सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को साइबर धोखाधड़ी के आरोपियों को ‘परजीवी’ करार देते हुए कहा कि समाज के हित में…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

कॉलेज छात्रा की मौत: क्राइम ब्रांच ने संभाली जांच, परिजनों ने उठाए सवाल

Key Facts The Crime Branch has officially taken over the investigation into the mysterious death of Febina Sajan, a 23-year-old nursing student…

AIADMK whip challenges Speaker’s acceptance of four MLAs’ resignations in Madras High Court

Key Facts The AIADMK whip, Agri S.S. Krishnamurthy, has approached the Madras High Court challenging the acceptance of resignations of four party…

सुप्रीम कोर्ट ने केस फाइल खोने के आरोप पर रजिस्ट्री से मांगा जवाब

प्रमुख तथ्य सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (17 जून, 2026) को अपनी रजिस्ट्री द्वारा एक केस फाइल खोने के आरोप पर गंभीर आपत्ति…