मुख्य तथ्य
अमेरिका और ईरान ने तीन महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक रूपरेखा समझौते की घोषणा की है। दोनों पक्षों ने पुष्टि की है कि शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
समझौते का विवरण
प्रस्तावित सौदे में सैन्य अभियानों को समाप्त करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना शामिल है, जबकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम भविष्य की वार्ता के लिए छोड़ दिया गया है। मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान ने घोषणा की कि दोनों देशों ने 'सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों की तत्काल और स्थायी समाप्ति' के आह्वान पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें लेबनान भी शामिल है।
ट्रंप ने सौदा पूर्ण घोषित किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर इस सफलता की घोषणा करते हुए कहा, 'ईरानी गणराज्य के साथ सौदा अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के टोल-मुक्त उद्घाटन को पूरी तरह से अधिकृत करता हूं, और साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी को तत्काल हटाने का अधिकार देता हूं। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन शुरू करें। तेल बहने दें!' एक अलग बयान में, ट्रंप ने इस समझौते को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
ईरान ने शर्तों के साथ समझौते की पुष्टि की
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने समझौते की पुष्टि की और कहा कि तेहरान प्रस्तावित 60-दिवसीय वार्ता अवधि में तभी प्रवेश करेगा जब वह सत्यापित कर लेगा कि वाशिंगटन ने अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, 'दुश्मन जिसने अपने घातक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हमला किया था, वह अपने सभी लक्ष्यों में पराजित हुआ, और इस्लामी गणराज्य ईरान ने युद्ध में महान जीत हासिल की।'
होर्मुज जलडमरूमध्य का पुनः खुलना
समझौ Neh के सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रस्तावित पुनः खुलना है, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा मार्ग है। अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने कहा कि वे युद्ध समाप्त करने, ईरान की नाकाबंदी रोकने और जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए एक रूपरेखा पर सहमत हुए हैं।
परमाणु मुद्दे पर अलग से बातचीत
हालांकि रूपरेखा संघर्ष और नाकाबंदी को संबोधित करती है, ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य अनसुलझा है और इस पर अलग से बातचीत की जाएगी। ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि यदि ईरान अमेरिका के साथ अंतिम परमाणु समझौते पर पहुंचने में विफल रहता है, तो वह तेहरान पर सैन्य हमले फिर से शुरू कर देंगे या अमेरिका को क्षेत्र के राजस्व का 20% प्राप्त करने के बदले 'मध्य पूर्व का संरक्षक' बना देंगे।
लेबनान समझौ Neh का हिस्सा
पाकिस्तान ने कहा कि समझौता 'लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों की तत्काल और स्थायी समाप्ति' को कवर करता है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने बाद में कहा कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य अभियान सोमवार रात से स्थायी रूप से समाप्त हो जाएंगे।
बाजारों पर प्रभाव
वित्तीय बाजारों ने इस घोषणा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 4.70% गिरकर 80.89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 4.03% गिरकर 83.81 डॉलर पर आ गया। एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी आई, जापान का निक्केई 225 4.99% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.54% चढ़ा।
यूरोपीय शक्तियों का स्वागत
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने समझौते का स्वागत किया और कहा कि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सत्यापन योग्य कदमों के जवाब में प्रतिबंधों में ढील देने को तैयार हैं।
FAQ
अमेरिका-ईरान शांति समझौते में मुख्य बिंदु क्या हैं?
समझौते में सैन्य अभियानों की समाप्ति, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना शामिल है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बाद में बातचीत होगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जिसके बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके खुलने से तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
समझौते पर हस्ताक्षर कब और कहाँ होंगे?
शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर समारोह होगा।
क्या ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस समझौते में शामिल है?
नहीं, परमाणु मुद्दे पर अलग से 60 दिनों की बातचीत होगी, जो अमेरिका द्वारा अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने पर निर्भर है।