मुख्य तथ्य
अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 8 जुलाई को तीन पंजाब से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। ये समूह भारत, कनाडा, अमेरिका और यूरोप में सक्रिय हैं। सबसे महत्वपूर्ण आरोप यह है कि लॉरेंस बिश्नोई (33) और उसके सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ ने जून 2023 में कनाडा के सरे, ब्रिटिश कोलंबिया में प्रो-खालिस्तान कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया।
विस्तृत जानकारी
DoJ ने कहा कि अब तक 37 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। इनमें से 24 आरोपियों को अमेरिका, कनाडा और स्पेन में गिरफ्तार किया गया है। 10 फरार हैं—सात अमेरिका में, दो भारत में और एक यूरोप में। केंद्रीय संगठन लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह (OCG) है, जिसका मुख्यालय भारत में है लेकिन यह कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में फैला हुआ है। गोल्डी बराड़ उत्तरी अमेरिका के संचालन का प्रबंधन करता है, जबकि रोहित गोदारा यूरोप में गतिविधियों की देखरेख करता है।
दूसरा समूह जग्गू भगवानपुरिया गिरोह है, जिसका नेतृत्व जगतार सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया करता है, जो असम की सिलचर जेल में बंद है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क के दुनिया भर में 1,000 से अधिक सदस्य और सहयोगी हैं। तीसरा नेटवर्क कनाडा में रविंदर सिंह ढांडा से जुड़ा है, जो बड़े पैमाने पर सीमा पार ड्रग तस्करी चलाता है।
प्रभाव और महत्व
DoJ ने बिश्नोई नेटवर्क पर व्यापारियों, मशहूर हस्तियों और भारतीय प्रवासियों के बीच भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया। इसका उद्देश्य जबरन वसूली को सुविधाजनक बनाना और गिरोह की प्रतिष्ठा बढ़ाना था। आरोप पत्र में कहा गया है कि समूह कोकीन और मेथामफेटामाइन का परिवहन करता था और प्रतिद्वंद्वी तस्करों से ड्रग्स चुराता था।
जांच में एक प्रमुख गवाह सुखराज सिंह कांग था, जो बिश्नोई OCG का वरिष्ठ लेफ्टिनेंट है। 25 जनवरी 2025 को, कांग ने $100,000 से $200,000 के कर्ज की वसूली में मदद करने पर सहमति जताई। जांचकर्ताओं ने एक नकली शूटिंग वीडियो बनाया, जिसे आरोपियों ने सच मान लिया और पीड़ित को धमकाने के लिए इस्तेमाल किया। वास्तव में, कथित देनदार एक अंडरकवर एजेंट (UC-1) था।
आरोप पत्र के अनुसार, कई आरोपियों ने UC-1 से व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप के माध्यम से संवाद किया। 5 फरवरी 2025 को, रजन भट्टी ने UC-1 से $200,000 की मांग की और धमकी दी। बाद में, 26 और 29 मई 2025 को, भट्टी ने फिर से पैसे की मांग की और कैलिफोर्निया के रिवरसाइड में भुगतान ड्रॉप का विवरण दिया।
सिग्नल का उपयोग भी किया गया। 12 फरवरी 2025 को, कांग ने UC-1 को गोल्डी बराड़ से सिग्नल कॉल पर मिलवाया। 5 मार्च 2025 को, गोल्डी बराड़ और सुमित ने UC-1 से बात की और आंशिक भुगतान पर बातचीत की। 7 मार्च को, भुलवान और बराड़ ने भुगतान के निर्देश दिए। 11 अप्रैल को, गोदारा और भुलवान ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो वे UC-1 को मार देंगे।
इस मामले में निज्जर हत्याकांड का जिक्र है, जो भारत और कनाडा के बीच राजनयिक विवाद का कारण बना। DoJ ने कहा कि भारतीय अधिकारियों ने सहयोग किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने सभी आरोपियों के प्रत्यर्पण की मांग की है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- यह मामला अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के बढ़ते खतरे को दर्शाता है, जिसमें भारतीय गिरोह वैश्विक स्तर पर काम कर रहे हैं।
- अमेरिकी जांच में एन्क्रिप्टेड ऐप के उपयोग और अंडरकवर ऑपरेशन की भूमिका सामने आई है।
- प्रत्यर्पण की प्रक्रिया से इन आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाने में मदद मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमेरिकी न्याय विभाग ने कितने लोगों पर आरोप लगाए हैं?
अमेरिकी न्याय विभाग ने तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों से जुड़े 37 लोगों पर आरोप लगाए हैं, जिनमें से 24 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह पर क्या आरोप हैं?
गिरोह पर लक्षित हत्याएं, गोलीबारी, अपहरण, हमले और जबरन वसूली के लिए धमकी देने का आरोप है। इसमें जून 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश देना भी शामिल है।
इस मामले में किन देशों की जांच एजेंसियां शामिल हैं?
इस जांच में अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियां शामिल हैं, और यह कई वर्षों की संघीय जांच का परिणाम है।