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शहरी पेड़ सुरक्षा: केम्बूर हादसे के बाद दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई में कितनी तैयारी?

केम्बूर हादसा: एक चेतावनी 30 जून को मुंबई के केम्बूर इलाके में बारिश के दौरान एक पीपल का पेड़ उखड़कर स्कूल बस पर गिर गया, जिससे एक छात्र की मौत हो गई और कई बच्चे…

केम्बूर हादसा: एक चेतावनी

30 जून को मुंबई के केम्बूर इलाके में बारिश के दौरान एक पीपल का पेड़ उखड़कर स्कूल बस पर गिर गया, जिससे एक छात्र की मौत हो गई और कई बच्चे घायल हो गए। 14 जुलाई को जांच में बृहन्मुंबई नगर निगम और सड़क विभाग को दोषमुक्त करते हुए ठेकेदार और सलाहकार फर्म को लापरवाह पाया गया। यह हादसा भारतीय महानगरों में शहरी पेड़ सुरक्षा की कमजोर व्यवस्था को उजागर करता है।

चेन्नई: ग्रीन कमेटी की सीमाएं

तमिलनाडु में कोई व्यापक ट्री प्रोटेक्शन एक्ट नहीं है, बल्कि जिला स्तर पर ग्रीन कमेटियां काम करती हैं। चेन्नई जिला ग्रीन कमेटी के सदस्य टी.डी. बाबू के अनुसार, नगर निगम के पास पर्याप्त जनशक्ति नहीं है और नागरिकों को इन समितियों के अस्तित्व के बारे में जानकारी नहीं है। वे कहते हैं, 'अभी कमजोर पेड़ों की सूचना निवासी देते हैं। सक्रियता यह होगी कि निगम खुद ऐसे पेड़ों की पहचान करे, निजी भूखंडों में भी, और खतरनाक पेड़ों को हटाने की अनुमति दे।'

बेंगलुरु: बागवानी शहर में खतरे

कर्नाटक में 1976 का ट्री प्रोटेक्शन एक्ट है, लेकिन इसके बावजूद हाल ही में इंद्रानगर पार्क में पेड़ गिरने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की हरिनी नागेंद्र कहती हैं, 'सक्रियता के कोई दृश्य संकेत नहीं हैं।' उनके अनुसार, पेड़ों के आसपास कंक्रीटीकरण और मलबा डालने से उनकी जड़ें कमजोर हो जाती हैं, और वैज्ञानिक छंटाई का अभाव है।

दिल्ली: कानून है, पर अमल कम

दिल्ली में 1994 का दिल्ली ट्री प्रिजर्वेशन एक्ट है, लेकिन 7 जुलाई को राजा धीर सिंह मार्ग पर पेड़ गिरने से कई कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित निरीक्षण से कमजोर पेड़ों की पहचान की जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।

क्या हो सकता है समाधान?

  • पेड़ों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और वैज्ञानिक छंटाई
  • एकल खिड़की प्रणाली के तहत प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा छंटाई
  • पेड़ों के आसपास कंक्रीटीकरण और मलबा डालने पर रोक
  • नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना और शिकायत तंत्र को सरल बनाना

FAQ

केम्बूर हादसे में क्या हुआ?

30 जून को मुंबई के केम्बूर में बारिश के दौरान एक पीपल का पेड़ उखड़कर स्कूल बस पर गिर गया, जिससे एक छात्र की मौत हो गई और कई बच्चे घायल हो गए। जांच में ठेकेदार और सलाहकार फर्म को लापरवाह पाया गया।

तमिलनाडु में ट्री प्रोटेक्शन एक्ट क्यों जरूरी है?

तमिलनाडु में कोई व्यापक ट्री प्रोटेक्शन एक्ट नहीं है, जिससे पेड़ों और लोगों दोनों की सुरक्षा प्रभावित होती है। ग्रीन कमेटियां मौजूद हैं लेकिन उनकी क्षमता और जागरूकता की कमी है।

बेंगलुरु में पेड़ गिरने की घटनाएं क्यों हो रही हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित निगरानी और वैज्ञानिक छंटाई का अभाव है। पेड़ों के आसपास कंक्रीटीकरण और मलबा डालने से उनकी जड़ें कमजोर हो जाती हैं।

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