मुख्य तथ्य
Uphaar सिनेमा अग्निकांड की 29वीं बरसी पर शनिवार को Association of Victims of Uphaar Tragedy (AVUT) ने सुरक्षा मानकों में लापरवाही और नियामक निगरानी में कमी पर कड़ा रुख अपनाया। संगठन ने कहा कि दिल्ली में बार-बार हो रही आग की घटनाओं से साबित होता है कि सबक नहीं लिया गया।
विस्तार से जानकारी
AVUT ने ग्रीन पार्क में पूर्व Uphaar सिनेमा स्थल के सामने वार्षिक स्मरण समारोह आयोजित किया, जिसमें 59 पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। संगठन की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति ने कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों में कुछ सुधार हुए हैं, लेकिन कार्यान्वयन और प्रवर्तन कमजोर है।
हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए, AVUT ने मालवीयनगर स्टे सुविधा में लगी आग का उदाहरण दिया, जिसमें 23 लोगों की जान गई। संगठन ने कहा, "ये घटनाएं एक खतरनाक पैटर्न दिखाती हैं जहां सुरक्षा उल्लंघनों को नजरअंदाज किया जाता है और बिना उचित जांच के NOC जारी कर दिए जाते हैं।"
प्रभाव और मांगें
AVUT ने लापरवाही, भ्रष्टाचार और कमजोर प्रवर्तन को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया। संगठन ने मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए एक व्यापक कानून की मांग की, जिसमें त्वरित जांच, विशेष अदालतें और समयबद्ध सुनवाई का प्रावधान हो। कृष्णमूर्ति ने कहा, "मौजूदा कानूनी ढांचा उन लोगों को रोकने में सक्षम नहीं है जो मुनाफे को मानव जीवन से ऊपर रखते हैं।"
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- Uphaar त्रासदी 13 जून 1997 को हुई थी, जिसमें 59 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए।
- AVUT पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व करता है और लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रहा है।
- संगठन ने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त कानून बनाने की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Uphaar त्रासदी में कितने लोग मारे गए थे?
13 जून 1997 को Uphaar सिनेमा में लगी आग में 59 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हुए थे।
AVUT का पूरा नाम क्या है?
AVUT का पूरा नाम Association of Victims of Uphaar Tragedy है।
AVUT ने हाल ही में क्या मांग की है?
AVUT ने मानव निर्मित आपदाओं के लिए विशेष कानून, त्वरित जांच, विशेष अदालतें और सख्त सजा की मांग की है।
स्रोत: www.thehindu.com