मुख्य तथ्य
ऊना जिले के बसलेहड़ा गांव में एकल अभियान अंचल ऊना के तत्वावधान में पांच दिवसीय आचार्य वार्षिक अभ्यास शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के दूसरे दिन आचार्यों को शिक्षण पद्धति, व्यक्तित्व विकास, नैतिक शिक्षा और बाल मनोविज्ञान जैसे विषयों पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया।
शिविर का विवरण
एकल अभियान अंचल के प्रमुख रणबीर धीमान ने बताया कि 12 जुलाई 2026 को शुरू हुए इस प्रशिक्षण वर्ग में जिलेभर से लगभग 40 आचार्य भाग ले रहे हैं। शिविर 16 जुलाई तक चलेगा। दूसरे दिन की शुरुआत सुबह के स्मरण सत्र से हुई, जिसके बाद दिनभर कुल 10 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।
प्रशिक्षण सत्रों की मुख्य गतिविधियां
- हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र का अभ्यास
- योगाभ्यास और एकात्मता मंत्र
- संस्कार आधारित गतिविधियां
- शिक्षण पद्धति और व्यक्तित्व विकास पर मार्गदर्शन
- नैतिक शिक्षा और बाल मनोविज्ञान पर विशेष सत्र
प्रभाव और महत्व
इस शिविर का उद्देश्य आचार्यों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए आवश्यक कौशल से लैस करना है। शिक्षण पद्धति और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायता प्रदान करना है। यह शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- शिविर स्थल: बसलेहड़ा गांव, उपतहसील जोल, जिला ऊना
- आयोजक: एकल अभियान अंचल ऊना
- अवधि: 12 जुलाई से 16 जुलाई 2026
- प्रतिभागी: लगभग 40 आचार्य
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
यह आचार्य शिविर कहां आयोजित किया जा रहा है?
यह शिविर ऊना जिले की उपतहसील जोल के बसलेहड़ा गांव में आयोजित किया जा रहा है।
शिविर में कितने आचार्य भाग ले रहे हैं?
जिलेभर से लगभग 40 आचार्य इस प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे हैं।
शिविर कब तक चलेगा?
यह पांच दिवसीय शिविर 12 जुलाई से शुरू होकर 16 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा।