Himachal | उदयपुर पॉलिटेक्निक

13 साल बाद भी अपने जिले नहीं पहुंच पाया उदयपुर पॉलिटेक्निक, सुंदरनगर से ही चल रही पढ़ाई

परिचय हिमाचल प्रदेश के लाहुल-स्पीति जिले में स्थापित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज उदयपुर को अपने गृह जिले में स्थानांतरित होने में 13 साल का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वर्ष 2013 में स्थापित यह कॉलेज…

परिचय

हिमाचल प्रदेश के लाहुल-स्पीति जिले में स्थापित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज उदयपुर को अपने गृह जिले में स्थानांतरित होने में 13 साल का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वर्ष 2013 में स्थापित यह कॉलेज अब तक सुंदरनगर (मंडी) में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है।

कॉलेज की वर्तमान स्थिति

तकनीकी शिक्षा निदेशालय के समीप सुंदरनगर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में यह कॉलेज चल रहा है। परिसर में लगे बोर्ड पर 'राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज उदयपुर' लिखा है, जो आगंतुकों को भ्रमित करता है। कॉलेज की शुरुआत सिविल इंजीनियरिंग ट्रेड की 60 सीटों से हुई थी, जो अब घटकर 30 सीटें रह गई हैं।

स्थानांतरण में देरी के कारण

पिछले 13 वर्षों में प्रदेश में तीन सरकारें बदल चुकी हैं, लेकिन कॉलेज लाहुल-स्पीति नहीं पहुंच सका। पिछले वर्ष विधानसभा में लाहुल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने यह मुद्दा उठाया था। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आश्वासन दिया था कि जिले में उपयुक्त भूमि मिलते ही कॉलेज स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

विभाग का रुख

तकनीकी शिक्षा निदेशक रोहित राठौर के अनुसार, विभाग के अधिकारी लाहुल-स्पीति में उपयुक्त स्थान की तलाश में जुटे हैं। उन्होंने कहा, 'जिले में उपयुक्त भूमि उपलब्ध होते ही कॉलेज को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।'

विद्यार्थियों पर प्रभाव

कॉलेज में प्रदेश के विभिन्न जिलों के विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन पिछले वर्ष लाहुल-स्पीति का केवल एक छात्र ही यहां से डिप्लोमा पूरा कर सका। यह स्थिति जिले के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा तक पहुंच की चुनौती को दर्शाती है।

FAQ

उदयपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज कहां संचालित हो रहा है?

यह कॉलेज फिलहाल सुंदरनगर (मंडी) स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में अस्थायी रूप से चल रहा है।

कॉलेज को लाहुल-स्पीति स्थानांतरित करने में क्या बाधा है?

मुख्य बाधा लाहुल-स्पीति जिले में उपयुक्त भूमि की उपलब्धता नहीं होना है। तकनीकी शिक्षा विभाग भूमि चयन की प्रक्रिया में जुटा है।

कॉलेज में कितनी सीटें हैं?

वर्तमान में सिविल इंजीनियरिंग ट्रेड की 30 सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। शुरुआत में 60 सीटें थीं।

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