मुख्य तथ्य
तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को दो नकली डॉक्टरों को गिरफ्तार किया। ये लोग बिना उचित चिकित्सा योग्यता के मरीजों का इलाज कर रहे थे। आरोपियों की पहचान के. एलांगो (68) और एस. संतोष (36) के रूप में हुई है।
विस्तार से जानकारी
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, एलांगो ने नर्सिंग में स्नातक किया था जबकि संतोष के पास नर्सिंग डिप्लोमा था। दोनों पिछले कुछ वर्षों से तिरुपत्तूर शहर के आसपास के गांवों में मरीजों को चिकित्सा उपचार दे रहे थे। उन्होंने एक किराए के मकान को क्लिनिक और फार्मेसी में बदल दिया था। प्रतिदिन औसतन 35 से 50 मरीज यहां इलाज के लिए आते थे।
कार्रवाई और जांच
स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद, संयुक्त निदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) वी. ज्ञाना मीनाक्षी के नेतृत्व में एक विशेष चिकित्सा दल ने क्लिनिक का निरीक्षण किया। टीम में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक ड्रग इंस्पेक्टर शामिल थे। तलाशी के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों को क्लिनिक में प्रयुक्त चिकित्सा उपकरण, प्रिस्क्रिप्शन और लेटरहेड मिले। क्लिनिक को सील कर दिया गया और चिकित्सा उपकरण जब्त कर लिए गए।
कानूनी कार्रवाई
तिरुपत्तूर तालुक पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को तिरुपत्तूर उप-जेल में भेज दिया गया है। जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- Tirupattur में कितने नकली डॉक्टर गिरफ्तार हुए? दो नकली डॉक्टर गिरफ्तार हुए हैं।
- गिरफ्तार नकली डॉक्टरों के नाम क्या हैं? K. Elango (68) और S. Santhosh (36) हैं।
- ये नकली डॉक्टर कितने समय से क्लिनिक चला रहे थे? पिछले कुछ वर्षों से वे क्लिनिक चला रहे थे।
- क्या इनके पास कोई मेडिकल डिग्री थी? Elango के पास नर्सिंग में स्नातक और Santhosh के पास नर्सिंग डिप्लोमा था, लेकिन डॉक्टर बनने की कोई योग्यता नहीं थी।