मुख्य तथ्य
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा किए गए एक अध्ययन में योग के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभावों का खुलासा हुआ है। 'प्रोटोकॉल्ड योग का स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर प्रभाव' शीर्षक वाले इस अध्ययन में 2,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह अध्ययन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले TTD के कार्यकारी अधिकारी मुद्दादा रविचंद्र के निर्देशन में आयोजित किया गया था।
अध्ययन का विवरण
सर्वेक्षण में प्रतिभागियों के हृदय संबंधी स्थिति, श्वसन दर, रक्तचाप और ऑक्सीजन संतृप्ति जैसे स्वास्थ्य संकेतकों का मूल्यांकन योग के 15 दिनों के अभ्यास से पहले और बाद में किया गया। प्रतिभागियों में कर्मचारी, श्रमिक, छात्र और वरिष्ठ नागरिक शामिल थे, जिन्होंने आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित सामान्य योग प्रोटोकॉल का पालन किया। इस प्रोटोकॉल में ढीला करने वाले व्यायाम, योगासन, प्राणायाम और ध्यान शामिल थे, जिसमें समन्वित श्वास, विश्राम और समग्र स्वास्थ्य संवर्धन पर जोर दिया गया।
सत्र 12 संस्थागत और सामुदायिक स्थानों पर 15 दिनों तक आयोजित किए गए, जिसके बाद प्रतिभागियों को उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में बदलाव का आकलन करने के लिए एक प्रश्नावली दी गई।
स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार
सामान्य स्वास्थ्य लाभों के अलावा, जीवन की गुणवत्ता के संकेतकों में भी तीव्र सुधार दर्ज किया गया। TTD के SVIMS सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल के निदेशक और कुलपति आर.वी. कुमार के अनुसार, 86% प्रतिभागियों ने बेहतर नींद, 84% ने भोजन के बाद पाचन में सुधार और 87% ने योग के 15 दिनों के अभ्यास के बाद एकाग्रता में वृद्धि दर्ज की।
डॉ. कुमार ने कहा, '89% प्रतिभागियों ने मूड और मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव की सूचना दी, जबकि समान प्रतिशत ने शरीर के लचीलेपन में वृद्धि देखी।'
82% प्रतिभागियों ने परिवार और दोस्तों के साथ संबंधों और बातचीत में सुधार की सूचना दी, जबकि 88% मामलों में जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार हुआ।
योग जारी रखने की इच्छा
श्री रविचंद्र ने कहा, 'एक और दिलचस्प निष्कर्ष यह है कि 90% प्रतिभागियों ने योग का अभ्यास जारी रखने की इच्छा व्यक्त की, जिनमें से 53% ने कहा कि वे निश्चित रूप से जारी रखेंगे। यह हमारे 15 दिनों के सत्रों का एक स्वागत योग्य परिणाम है।'
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- यह अध्ययन योग के नियमित अभ्यास के लाभों को रेखांकित करता है, विशेष रूप से आयुष मंत्रालय के सामान्य योग प्रोटोकॉल का पालन करने पर।
- प्रतिभागियों ने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य में सुधार की सूचना दी, जो समग्र कल्याण के लिए योग की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
- अध्ययन में योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के महत्व पर बल दिया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
TTD योग अध्ययन में कितने प्रतिभागी शामिल थे?
अध्ययन में 2,000 प्रतिभागी शामिल थे, जिनमें कर्मचारी, छात्र और वरिष्ठ नागरिक शामिल थे।
अध्ययन में किन स्वास्थ्य मापदंडों का मूल्यांकन किया गया?
हृदय संबंधी स्थिति, श्वसन दर, रक्तचाप और ऑक्सीजन संतृप्ति का मूल्यांकन योग अभ्यास से पहले और बाद में किया गया।
अध्ययन के अनुसार योग के क्या लाभ हैं?
86% ने बेहतर नींद, 84% ने पाचन में सुधार, 87% ने एकाग्रता में वृद्धि, 89% ने मूड और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार तथा 90% ने योग जारी रखने की इच्छा व्यक्त की।
स्रोत: www.thehindu.com