मुख्य तथ्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान एक बार फिर कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण होना चाहिए, डेनमार्क का नहीं। इस बयान ने नाटो सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ा दिया है। ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोआन के साथ बैठक के दौरान पत्रकारों से यह टिप्पणी की।
विवरण
ट्रंप ने कहा, 'ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण होना चाहिए, डेनमार्क का नहीं।' उन्होंने आरोप लगाया कि डेनमार्क ग्रीनलैंड पर पर्याप्त खर्च नहीं करता, जबकि यह क्षेत्र चीनी और रूसी जहाजों से घिरा हुआ है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस मुद्दे ने नाटो के साथ उनके संबंधों को नुकसान पहुंचाया है।
डेनमार्क और ग्रीनलैंड की प्रतिक्रिया
डेनिश प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने अंकारा में कहा कि वह उम्मीद करती हैं कि सहयोगी डेनिश साम्राज्य की संप्रभुता का सम्मान करेंगे और स्वीकार करेंगे कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है। उन्होंने कहा, 'यह अमेरिका की जानी-मानी स्थिति है कि वह ग्रीनलैंड को खरीदना और अपने कब्जे में लेना चाहता है। मुझे उम्मीद है कि यह भी हर जगह जाना जाता है कि ऐसा नहीं होने वाला है।'
ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री म्यूट एगेडे ने फेसबुक पर लिखा कि ग्रीनलैंड का भविष्य उसके लोग तय करेंगे। उन्होंने कहा, 'हमेशा से ऐसा रहा है और हमेशा ऐसा ही रहेगा।' साथ ही उन्होंने सहयोगियों के साथ घनिष्ठ सहयोग जारी रखने की बात कही।
प्रभाव और आगे की राह
ट्रंप की इस टिप्पणी से नाटो के भीतर तनाव बढ़ने की संभावना है। अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने जून में कहा था कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ मासिक आधार पर बातचीत जारी है। यह मुद्दा आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच सामने आया है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन में ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की मांग दोहराई।
- डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है।
- यह मुद्दा नाटो के भीतर तनाव पैदा कर सकता है और आर्कटिक में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण होना चाहिए, डेनमार्क का नहीं। उन्होंने इसे नाटो के साथ अपने रिश्तों के लिए हानिकारक बताया।
डेनमार्क की प्रतिक्रिया क्या रही?
डेनिश प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और सहयोगियों से संप्रभुता का सम्मान करने की उम्मीद है।
ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री का क्या बयान है?
ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री म्यूट एगेडे ने कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य उसके लोग तय करेंगे, और सहयोगियों के साथ सहयोग जारी रहेगा।