मुख्य तथ्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर ईरान शांति समझौते को लगभग पटरी से उतारने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू के बेरूत एयरस्ट्राइक ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच समझौते में देरी की। ट्रंप ने नेतन्याहू को 'बहुत मुश्किल आदमी' बताया और कहा कि इज़राइल को अमेरिका का आभारी होना चाहिए।
विवरण
द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, 'वह बहुत मुश्किल आदमी हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'और सच कहूं तो, उन्हें हमारा बहुत आभारी होना चाहिए। क्योंकि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो इज़राइल दो घंटे भी नहीं टिकता।'
अमेरिका और ईरान दोनों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों के 'तत्काल और स्थायी' अंत की घोषणा की है। यह समझौता 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षरित होने वाला है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से वाणिज्यिक शिपिंग मार्ग और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य के लिए दिशानिर्देश तय करेगा।
प्रभाव
हालांकि, इज़राइल के लिए इस समझौते को स्वीकार करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि उसे शांति वार्ता में शामिल नहीं किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू के पास ईरान और उसके प्रॉक्सी, जिसमें लेबनान में हिजबुल्लाह शामिल है, के साथ संघर्ष जारी रखने के घरेलू राजनीतिक कारण हैं।
पाठकों को क्या जानना चाहिए
- ट्रंप ने कहा कि अगर तेहरान का नेतृत्व समय सीमा के भीतर अंतिम परमाणु समझौते पर पहुंचने में विफल रहता है, तो अमेरिकी सेना ईरान पर हमले फिर से शुरू कर देगी या क्षेत्र के राजस्व का 20% लेकर 'मध्य पूर्व का संरक्षक' बन जाएगी।
- ट्रंप ने दावा किया कि उनके समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य स्थायी रूप से टोल-मुक्त हो जाएगा।
- जब पूछा गया कि क्या सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी सहयोगियों ने अमेरिका को भुगतान पुलिस बल बनाने पर सहमति दी है, तो ट्रंप ने सीधा जवाब नहीं दिया।
FAQ
Trump ने Netanyahu पर क्या आरोप लगाया?
Trump ने कहा कि Netanyahu के बेरूत एयरस्ट्राइक ने ईरान शांति समझौते में देरी की और वे लगभग इसे पटरी से उतार ही चुके थे।
ईरान शांति समझौते पर कब हस्ताक्षर होंगे?
यह समझौता 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षरित होने वाला है।
इस समझौते में इज़राइल को शामिल क्यों नहीं किया गया?
इज़राइल को वार्ता से बाहर रखा गया और वह सार्वजनिक रूप से इस समझौते का विरोध कर सकता है।