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ट्रंप ने ईरान युद्ध खत्म करने का दावा किया, लेकिन कई उद्देश्य अधूरे

परिचय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक…

परिचय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। हालांकि, ट्रंप द्वारा युद्ध की शुरुआत में निर्धारित कई प्रमुख उद्देश्य अभी भी अधूरे हैं। यह लेख उन उद्देश्यों और उनकी वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालता है।

प्रमुख उद्देश्य और उनकी स्थिति

मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं का विनाश

ट्रंप प्रशासन का एक प्रमुख उद्देश्य ईरान की मिसाइलों को नष्ट करना और उसके मिसाइल उद्योग को जमींदोज करना था। मार्च 2026 में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के 90% मिसाइल और लॉन्चर नष्ट हो चुके हैं। मई 2026 तक यह आंकड़ा घटकर 82% रह गया। मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि ईरान के पास अब 'बहुत मामूली या छोटी क्षमता' है, लेकिन वह अभी भी हमले कर सकता है। हाल ही में ईरान ने खाड़ी के तीन अमेरिकी सहयोगियों पर मिसाइल हमले किए, जो दर्शाता है कि उसकी क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

ड्रोन और रक्षा औद्योगिक आधार का विनाश

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान में हथियार उत्पादन और मिसाइल एवं ड्रोन निर्माण सुविधाओं को निशाना बनाया। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार का 80-90% विनाश हुआ है और इसे पुनर्निर्माण में वर्षों लगेंगे। ट्रंप ने एनबीसी को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया कि अधिकांश ड्रोन कारखाने और लॉन्चिंग पैड नष्ट हो गए हैं, लेकिन ईरान के पास अभी भी क्षमता है।

परमाणु कार्यक्रम का खात्मा

ट्रंप ने पिछले साल दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को 'मिटा दिया' है, लेकिन बाद में उनके सहयोगियों ने चेतावनी दी कि ईरान बम बनाने से कुछ हफ्ते दूर है। सबसे बड़ी चिंता लगभग 970 पाउंड समृद्ध यूरेनियम है, जो तीन परमाणु स्थलों के नीचे दबा हुआ माना जाता है। ट्रंप ने कहा है कि इसे ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सहयोग से नष्ट किया जाएगा, लेकिन ईरान ने अभी तक इस पर सहमति नहीं जताई है।

मध्य पूर्वी सहयोगियों की सुरक्षा

ट्रंप ने मार्च 2026 में एक सोशल मीडिया पोस्ट में पांचवां उद्देश्य जोड़ा: 'हमारे मध्य पूर्वी सहयोगियों की उच्चतम स्तर पर रक्षा करना', जिसमें इज़राइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन, कुवैत आदि शामिल हैं। हालांकि, ईरान ने हाल ही में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हमले किए, जिससे इस उद्देश्य की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं। ट्रंप प्रशासन खाड़ी सहयोगियों को युद्ध क्षति के मुआवजे के लिए ईरान की जमी हुई संपत्तियों का उपयोग करने पर विचार कर रहा है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य का पुनरुद्घाटन

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के 20% तेल और गैस के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जो युद्ध के कारण प्रभावी रूप से बंद हो गया है। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ गई हैं। ट्रंप ने कहा है कि प्रस्तावित समझौते में जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और अमेरिकी नाकाबंदी समाप्त करना शामिल होगा।

प्रॉक्सी आतंकी नेटवर्क का क्षरण

युद्ध की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन ने ईरान के प्रॉक्सी आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने को एक प्रमुख लक्ष्य बताया था। हालांकि, समय के साथ इस पर अपडेट कम हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इज़राइल के युद्ध से जुड़ा है। ईरान ने किसी भी समझौते में लेबनान में लड़ाई को रोकने पर जोर दिया है, जबकि इज़राइल हिजबुल्लाह को नष्ट करने पर आमादा है।

निष्कर्ष

ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने का दावा किया है, लेकिन कई प्रमुख उद्देश्य अधूरे हैं। ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, परमाणु यूरेनियम का निपटान अनिश्चित है, और मध्य पूर्वी सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने का समझौता हो गया है? राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि जल्द ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है। ईरान ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है।
  • ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को कितना नुकसान पहुंचा है? अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान के 80-90% मिसाइल और ड्रोन बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया है, लेकिन ईरान के पास अभी भी हमला करने की क्षमता है।
  • ईरान का परमाणु कार्यक्रम क्या स्थिति में है? ईरान के पास लगभग 970 पाउंड समृद्ध यूरेनियम है, जिसे नष्ट करने की बात चल रही है। ट्रंप ने कहा है कि इसे अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से नष्ट किया जाएगा, लेकिन ईरान की सहमति अभी स्पष्ट नहीं है।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा क्या है? युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ गई हैं। ट्रंप ने कहा है कि समझौते में जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल होगा।

स्रोत: www.ndtv.com

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