मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ईरान ने हुर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला किया। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की अंतिम चरण की बातचीत चल रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, 'उनका पूरी तरह से विफल ड्रोन हमला पिछली रात हुर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों के खिलाफ पूरी तरह से अस्वीकार्य है।'
विस्तार से जानकारी
ट्रंप के इस दावे के बाद नई दिल्ली और तेहरान में हड़कंप मच गया। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह दूसरी बार नई दिल्ली में अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को तलब किया, ताकि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी बलों द्वारा भारतीय चालक दल वाले तीन व्यापारिक जहाजों पर हमलों का विरोध किया जा सके, जिसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे। इनमें से दो जहाज पलाऊ ध्वज वाले और एक गिनी-बिसाऊ ध्वज वाला था।
भारतीय और ईरानी पक्ष के सूत्रों ने बताया कि गुरुवार रात या उसके बाद हुर्मुज जलडमरूमध्य में या उसके आसपास भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर किसी ड्रोन हमले की कोई रिपोर्ट नहीं है। कम से कम 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज वर्तमान में हुर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसे ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। भारत या ईरान की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट ने ईरानी पक्ष पर प्रस्तावित शांति समझौते की शर्तों को 'फेक न्यूज' को लीक करने का आरोप लगाया और कहा कि इस जानकारी का 'लिखित रूप से सहमत शर्तों से कोई लेना-देना नहीं है'। उन्होंने कहा, 'उन्होंने जो कहा, जिसमें समझौता होने का उनका कमजोर और दयनीय बयान शामिल है, सच्चाई से कोई संबंध नहीं रखता। उनके साथ व्यवहार करने वाले बहुत बेईमान लोग हैं। उनके साथ सद्भावना से व्यवहार करने जैसी कोई चीज नहीं है।'
ट्रंप की आलोचनात्मक पोस्ट के बाद, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका के साथ एक समझौता ज्ञापन 'कभी भी इतना करीब नहीं रहा' और मीडिया से इसकी सामग्री के बारे में अटकलें न लगाने का आग्रह किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते का 'अंतिम, सहमत पाठ तैयार हो गया है'। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान अब अगले कदमों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है।'
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- ट्रंप के आरोप के बावजूद, भारत और ईरान ने ड्रोन हमले की पुष्टि नहीं की है।
- हुर्मुज जलडमरूमध्य में 13 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।
- अमेरिका-ईरान शांति समझौते की अंतिम चरण की बातचीत जारी है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या ईरान ने वास्तव में भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला किया?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह आरोप लगाया है, लेकिन भारत और ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के अनुसार ऐसे किसी हमले की कोई रिपोर्ट नहीं है।
हुर्मुज जलडमरूमध्य में कितने भारतीय जहाज फंसे हैं?
कम से कम 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज हुर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसे ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर दिया है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की वर्तमान स्थिति क्या है?
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि समझौता ज्ञापन 'कभी भी इतना करीब नहीं रहा', जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने दावा किया कि शांति समझौते का अंतिम पाठ तैयार है।