प्रमुख तथ्य
कोलकाता में साउथ 24 परगना जिला परिषद कार्यालय में लगी भीषण आग में लगभग 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर नष्ट हो गईं। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस घटना पर चुनाव आयोग (ECI) पर निशाना साधा है और पारदर्शी जांच की मांग की है।
घटना का विवरण
10 जून 2026 की रात करीब 9:30 बजे कोलकाता के अलीपुर कोर्ट के पास स्थित साउथ 24 परगना जिला परिषद कार्यालय में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शी शाहनवाज ने बताया कि आग तीसरी मंजिल पर फैल गई, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
TMC का आरोप
TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इस घटना को 'रहस्यमय' बताते हुए कहा, "रहस्यमय तरीके से आग में नष्ट! 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलट यूनिट, 4,000 VVPAT। ये कस्बा, जादवपुर, बेहाला ईस्ट, बेहाला वेस्ट, मेटियाबुरुज, सतगाछिया और डायमंड हार्बर उप-मंडल की कई विधानसभा सीटों से जुड़ी हैं।" पार्टी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह 'लगाई गई कहानियों' के पीछे छिप रहा है और पहले भी EVM और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई थी। TMC ने सवाल उठाया, "क्या यह महज एक दुर्घटना थी... या लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ के बाद महत्वपूर्ण सबूतों को गायब करने की एक सोची-समझी साजिश?"
जांच के प्रयास
कोलकाता पुलिस ने 12 जून को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है जो आग के कारणों की जांच करेगा। SIT के गठन और जांच के दायरे के बारे में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कोलकाता में EVM आग की घटना कब हुई? यह घटना 10 जून 2026 को रात करीब 9:30 बजे हुई, जब साउथ 24 परगना जिला परिषद कार्यालय में आग लग गई।
- आग में कितने EVM नष्ट हुए? TMC के अनुसार, लगभग 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलट यूनिट और 4,000 VVPAT मशीनें जल गईं।
- TMC ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए? TMC ने आग को 'रहस्यमय' बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ के सबूत मिटाने की साजिश हो सकती है।
- जांच के लिए क्या कदम उठाए गए? कोलकाता पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है जो आग के कारणों की जांच करेगा।
Source: www.hindustantimes.com