Desh Duniya | Abhishek Banerjee

Tmc एक अविभाज्य पार्टी: अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विद्रोही गुट को मान्यता देने का विरोध किया

मुख्य तथ्य तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी के विद्रोही गुट को संसद में अलग पहचान दिए जाने का विरोध किया है। यह पत्र…

मुख्य तथ्य

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी के विद्रोही गुट को संसद में अलग पहचान दिए जाने का विरोध किया है। यह पत्र रविवार को TMC सांसदों किर्ती आज़ाद और सागरिका घोष ने अध्यक्ष को सौंपा। विद्रोही गुट में कम से कम 19 सांसद शामिल हैं, जो सोमवार को अध्यक्ष से मिलकर अपने गुट को मान्यता देने की मांग करेंगे।

पत्र में क्या कहा गया?

बनर्जी ने पत्र में कहा, "मेरा ध्यान मीडिया रिपोर्टों की ओर गया है कि AITC के कुछ सांसदों ने आपके कार्यालय को एक संचार प्रस्तुत किया है या प्रस्तुत करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें उन्हें संसदीय दल से स्वतंत्र एक अलग समूह या गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की गई है।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि TMC एक अविभाज्य राजनीतिक पार्टी है और कोई भी सदस्य अपनी इच्छा से समानांतर गुट नहीं बना सकता। पत्र में लिखा है, "AITC एक एकल, अविभाज्य राजनीतिक पार्टी है... कानून के अनुसार केवल एक AITC, सदन में पार्टी का एक नेता और एक मुख्य सचेतक होता है, जो सभी राजनीतिक दल और उसके सक्षम संगठनात्मक प्राधिकरण के अधिकार से पद धारण करते हैं। कोई भी सदस्य या सदस्यों का समूह अपनी स्वेच्छा से उसी पार्टी का समानांतर 'समूह' या 'गुट' नहीं बना सकता और सदन के भीतर स्वतंत्र मान्यता का दावा नहीं कर सकता।"

विद्रोही गुट की मांग

विद्रोही गुट के सांसदों का कहना है कि वे पार्टी के भीतर एक अलग विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन्हें संसद में अलग पहचान मिलनी चाहिए। हालांकि, बनर्जी ने स्पष्ट किया कि पार्टी अनुशासन और एकता सर्वोपरि है और ऐसी किसी भी मांग को मान्यता नहीं दी जानी चाहिए।

पार्टी की स्थिति

TMC नेतृत्व ने विद्रोही गुट को पार्टी विरोधी गतिविधि बताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विद्रोही सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

आगे क्या?

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद निर्णय लेंगे। संसदीय परंपरा के अनुसार, किसी दल के भीतर गुटबंदी को मान्यता देना अध्यक्ष के विवेक पर निर्भर करता है। यह मामला आगामी संसद सत्र में गर्मागर्म बहस का कारण बन सकता है।

FAQ

TMC विद्रोही गुट में कितने सांसद हैं?

कम से कम 19 लोकसभा सांसद विद्रोही गुट का हिस्सा हैं।

अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र क्यों लिखा?

उन्होंने विद्रोही गुट को अलग पहचान देने की मांग का विरोध करते हुए कहा कि TMC एक अविभाज्य पार्टी है और कोई सदस्य समानांतर गुट नहीं बना सकता।

पत्र लोकसभा अध्यक्ष तक कैसे पहुंचा?

पार्टी सांसदों किर्ती आज़ाद और सागरिका घोष ने रविवार को यह पत्र अध्यक्ष को सौंपा।

विद्रोही गुट की अगली योजना क्या है?

विद्रोही गुट सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अपने गुट को मान्यता देने की मांग करेगा।

Source: www.hindustantimes.com

Follow us on Google News

Explore more

गोदावरी नदी पर पर्यटन नौका सेवाएं सुरक्षा ऑडिट के लिए एक सप्ताह के लिए निलंबित

मुख्य तथ्य एंध्र प्रदेश और तेलंगाना से गोदावरी नदी के रास्ते पापिकोंडा हिल्स तक चलने वाली पर्यटन नौका सेवाओं को एक सप्ताह…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

केरल के युवक की पश्चिम बंगाल में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या, पांच गिरफ्तार

घटना का विवरण पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के कुल्टाली इलाके में एक 30 वर्षीय केरल युवक की भीड़ ने…

Cisf ने 7,000 से अधिक कर्मियों को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन संचालन में प्रशिक्षित किया

मुख्य तथ्य केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने ड्रोन और काउंटर-ड्रोन संचालन में 7,000 से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित किया है। यह…

केरल: पिनराई विजयन ने सीएम सतीशन पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- राज्यपाल के सामने सरकार ने टेके घुटने

मुख्य बिंदु केरल में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है जब नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर गंभीर आरोप लगाए।…