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TMC MP Saugata Roy ने Kakoli Ghosh Dastidar के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव की धमकी दी

प्रमुख तथ्य तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने मंगलवार को बागी TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की धमकी दी। दस्तीदार ने हाल ही में अपने गुट को नेशनलिस्ट…

प्रमुख तथ्य

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने मंगलवार को बागी TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की धमकी दी। दस्तीदार ने हाल ही में अपने गुट को नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर लिया है। रॉय का आरोप है कि दस्तीदार ने संसदीय स्थायी समिति की बैठक की कार्यवाही का खुलासा करके संसदीय नियमों का उल्लंघन किया है।

पूरा विवरण

गृह मामलों की स्थायी समिति (Standing Committee on Home Affairs) की बैठक बच्चों के खिलाफ अपराधों पर विचार-विमर्श के बाद समाप्त हुई। बैठक के बाद, दस्तीदार ने मीडिया से बात करते हुए अपनी पूर्व पार्टी TMC की 15 साल की सरकार पर बाल तस्करी और अन्य अपराधों को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में बाल विवाह बहुत आम है, और पिछली सरकार ने इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। बाल तस्करी भी वहां बहुत अधिक है, जहां युवा लड़कियों को देश के बाहर भेजा जा रहा है।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों से पूछा था कि इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई की जाएगी और बाल शोषण या बाल विवाह में शामिल लोगों के लिए क्या सजा तय की जाएगी।

सौगत रॉय, जो 1977 से संसद सदस्य हैं, ने दस्तीदार पर संसदीय नियमों से अनभिज्ञ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "यह देखकर आश्चर्य हुआ कि एक चार बार की सांसद, जो अब एक बेकार पार्टी में विलय होने का दावा कर रही हैं, संसदीय प्रक्रियाओं से अनजान हैं। संसदीय स्थायी समिति की बैठक के विवरण का खुलासा करना सदस्य के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव का आधार है।"

प्रभाव और आगे की राह

यह घटना TMC के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेदों को उजागर करती है। दस्तीदार का राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी में विलय और उनके द्वारा पार्टी सरकार की आलोचना से पार्टी में और अधिक तनाव पैदा हो सकता है। विशेषाधिकार प्रस्ताव की धमकी से संसद में इस मुद्दे पर गरमागरम बहस हो सकती है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • संसदीय समितियों की कार्यवाही गोपनीय रखी जाती है और उनका खुलासा करना नियमों का उल्लंघन है।
  • पश्चिम बंगाल में बाल विवाह और तस्करी गंभीर मुद्दे हैं जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
  • यह घटना राजनीतिक दलों के भीतर अनुशासन और संसदीय मर्यादाओं के महत्व को दर्शाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

विशेषाधिकार प्रस्ताव क्या होता है?

विशेषाधिकार प्रस्ताव एक संसदीय प्रक्रिया है जिसका उपयोग सदन की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए किया जाता है। यदि कोई सदस्य सदन के नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ यह प्रस्ताव लाया जा सकता है।

Kakoli Ghosh Dastidar ने क्या कहा था?

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बाल विवाह और बाल तस्करी बहुत आम है और पिछली सरकार ने इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

Saugata Roy ने किस आधार पर विशेषाधिकार प्रस्ताव की धमकी दी?

उन्होंने आरोप लगाया कि Dastidar ने संसदीय स्थायी समिति की बैठक की कार्यवाही का खुलासा करके संसदीय नियमों का उल्लंघन किया है।

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