प्रमुख तथ्य
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी सोमवार (15 जून, 2026) को कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए। यह पूछताछ कथित स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई। वे सुबह करीब 11 बजे ED के CGO कॉम्प्लेक्स कार्यालय पहुंचे।
पूछताछ का विवरण
ED के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जांचकर्ता बनर्जी का बयान दर्ज करेंगे और उन्हें वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य आरोपियों के बयानों से रूबरू कराएंगे। अधिकारी ने कहा, "हमारा फोकस मनी ट्रेल पर है। किसने फंड संभाला, वे खातों और संस्थाओं में कैसे स्थानांतरित हुए, और क्या इन लेन-देन को उनके मूल को छिपाने के लिए लेयर किया गया।"
एजेंसी पहले की गई प्रस्तुतियों और ताजा जांच में मिले सबूतों के बीच विसंगतियों पर भी स्पष्टीकरण मांगेगी। फोरेंसिक विश्लेषण में चिह्नित बिचौलियों और लाभार्थी संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए जाएंगे।
पृष्ठभूमि
यह पूछताछ एक दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी द्वारा उनसे पूछताछ के बाद हुई है। सीआईडी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी की जांच कर रही है।
ED का रुख
ED अधिकारी ने कहा, "हमने बैंक रिकॉर्ड और संचार डेटा प्राप्त किए हैं जो कई फ्रंट्स की संलिप्तता का संकेत देते हैं। आज की जांच का उद्देश्य उन डेटा बिंदुओं को बनर्जी के संस्करण से मिलाना है।"
FAQ
- अभिषेक बनर्जी पर क्या आरोप हैं? उन पर प्राथमिक शिक्षक भर्ती में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की जा रही है।
- ED ने उन्हें क्यों बुलाया? ED को संदेह है कि भर्ती घोटाले में अवैध रूप से हासिल की गई राशि को विभिन्न खातों और संस्थाओं के जरिए लेयर किया गया।
- क्या यह पहली बार है जब उनसे पूछताछ हुई? नहीं, इससे पहले भी वे पश्चिम बंगाल सीआईडी के सामने पेश हो चुके हैं, जो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से जुड़े जालसाजी मामले की जांच कर रही है।