प्रमुख तथ्य
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और छह बार के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस बैठक ने पार्टी बदलने की अटकलों को हवा दे दी है, खासकर तब जब TMC पहले से ही आंतरिक संकट से जूझ रही है।
विस्तृत जानकारी
सूत्रों के अनुसार, बंद्योपाध्याय विद्रोही सांसद सताब्दी रॉय के साथ यादव से मिले। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अटकलें हैं कि विद्रोही समूह सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर अलग संसदीय दल के रूप में मान्यता मांग सकता है।
बैठक के कुछ घंटों बाद, TMC ने बंद्योपाध्याय को उत्तर कोलकाता जिला संगठन अध्यक्ष पद से हटाकर पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष को नियुक्त किया। इसके अलावा, TMC युवा कांग्रेस की अध्यक्ष सायोनी घोष को भी हटाकर अर्नब बनर्जी को नियुक्त किया गया। देर रात पूर्व मंत्री मानस रंजन भूनिया ने भी TMC से इस्तीफा दे दिया।
प्रभाव और विश्लेषण
विधानसभा चुनावों में TMC की हार के बाद पार्टी में विद्रोह तेज हो गया है। कई नेताओं का आरोप है कि उनकी राय और सुझावों को नजरअंदाज किया गया, और कई ने अभिषेक बनर्जी को इसका जिम्मेदार ठहराया। विद्रोही सांसद अपनी संसदीय ताकत के दम पर असली TMC होने का दावा कर रहे हैं।
लोकसभा में TMC के 28 सांसदों में से 19 ने अलग समूह बनाने के लिए एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जो 18 मई को दिया गया था। दिलचस्प बात यह है कि पत्र में 1 से 20 तक क्रमांक हैं, लेकिन 13 नंबर पर कोई हस्ताक्षर नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि बंद्योपाध्याय ने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं या नहीं।
बंद्योपाध्याय कोलकाता उत्तर सीट से सांसद हैं और TMC के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हैं। उन्हें पार्टी नेतृत्व और दिल्ली के राजनीतिक प्रतिष्ठान के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता था। उनके जाने को ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया
TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "ममता ने इन लोगों को पद और सम्मान दिया, बदले में ये ऐसा कर रहे हैं। सुदीप बंद्योपाध्याय का राजनीतिक खेमा बदलने का इतिहास रहा है। हमने ममता दी को बार-बार चेतावनी दी। वह सिर्फ ममता दी को गुमराह करके अपना शो चलाते हैं।"
TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा, "मैं क्या कर सकता हूं? मैंने 3-4 दिन पहले उनसे बात की थी और उन्होंने आश्वासन दिया था कि वे कहीं नहीं जा रहे। उन्होंने कहा था कि अगर कुछ करेंगे तो साथ मिलकर करेंगे। लेकिन फिर वे भूपेंद्र यादव के घर चले गए।"
बंगाल के मंत्री और भाजपा विधायक तापस रॉय ने कहा, "वह (बंद्योपाध्याय) कभी वफादार नहीं थे। वह राजनीतिक तत्व नहीं हैं। वह प्रिय रंजन दासमुंशी और ममता बनर्जी के सहयोग से ऊपर चढ़े हैं। उन्होंने पार्टी के लिए कुछ नहीं किया। अब ममता बनर्जी को पता चल रहा है कि उनसे कौन प्यार करता है।"
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- TMC में विद्रोह तेज हो गया है: लोकसभा में 19 सांसद और विधानसभा में 80 में से 64 विधायक विद्रोही खेमे में हैं।
- राज्यसभा में TMC की संख्या 13 से घटकर 10 हो गई है, तीन सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है।
- विद्रोही समूह रविवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मिलने वाला है।
- लोकसभा अध्यक्ष सोमवार को विद्रोही समूह से मिल सकते हैं और उनकी मान्यता पर फैसला ले सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सुदीप बंद्योपाध्याय ने किससे मुलाकात की?
उन्होंने केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता भूपेंद्र यादव से दिल्ली में मुलाकात की।
TMC ने सुदीप बंद्योपाध्याय के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
TMC ने उन्हें उत्तर कोलकाता जिला संगठन अध्यक्ष पद से हटाकर कुणाल घोष को नियुक्त किया।
TMC में कितने सांसदों ने विद्रोह किया है?
लोकसभा में 28 में से 19 सांसदों ने अलग संसदीय समूह बनाने की मांग की है।
विद्रोही समूह की अगली योजना क्या है?
समूह रविवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मिलने और सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने वाला है।