प्रमुख तथ्य
मणिपुर के इम्फाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में भर्ती तीन घायल कुकी युवकों को मंगलवार देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल से स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पूरी घटना का विवरण
ये तीनों युवक सोमवार को कांगपोकपी जिले में विरोधी सशस्त्र जनजातीय समूहों के बीच हुई गोलीबारी में घायल हो गए थे। रात 12:15 बजे के आसपास उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बीच अस्पताल से बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने उनके गंतव्य का खुलासा नहीं किया है, लेकिन एम्बुलेंस चुराचांदपुर जिले की ओर जाते देखी गईं।
प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था
मंगलवार रात प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल परिसर में घुसने का प्रयास किया, जिसे सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने RIMS गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया, जवाब में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि तीनों युवक 'उग्रवादी' हैं और 13 मई को लीलोन वैफेई गांव से अपहृत छह नागा जनजाति के सदस्यों की हत्या में शामिल हैं।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस घटना ने मणिपुर में जातीय तनाव को बढ़ा दिया है। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। तीनों युवकों की पहचान जेनलेनमांग वैफेई, लुनलियांदाव वैफेई और पाओगौ लाल के रूप में हुई है। उनमें से एक मोहन बागान के लिए खेल चुका है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह घटना मणिपुर के इम्फाल में हुई।
- तीनों युवक कुकी समुदाय से हैं।
- उन्हें सुरक्षा कारणों से स्थानांतरित किया गया।
- प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल घेरने का प्रयास किया था।
स्रोत: www.hindustantimes.com