प्रमुख तथ्य
अमेरिकी सेना द्वारा ओमान के तट पर पलाऊ-ध्वजांकित वाणिज्यिक पोत MT Settebello पर किए गए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। मृतकों में विशाखापत्तनम के मरीन इंजीनियर पटनाला सुरेश (44), उत्तर प्रदेश के देवरिया के शिवानंद चौरसिया (38) और हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के आदित्य शर्मा (23) शामिल हैं। 21 अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया।
घटना का विवरण
यह हमला 10 जून को हुआ था। तीनों नाविक शुरू में लापता बताए गए थे, बाद में उनकी मौत की पुष्टि हुई। आदित्य शर्मा ने अपने छह महीने के अनुबंध को 24 मई को समाप्त होने के बाद दो महीने बढ़ा दिया था ताकि वह अपना प्रशिक्षण पूरा कर सके। उनके पिता राजेश शर्मा को अंतिम संदेश हमले से सिर्फ एक घंटे पहले मिला था।
परिजनों की प्रतिक्रिया
आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने कहा, 'हम पूरे दिन उनके कॉल का इंतजार करते रहे। रात 9 बजे हमें सूचना मिली कि पोत पर हमला हुआ और तीन चालक दल के सदस्य लापता हैं।' उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने बेटे के पार्थिव शरीर को वापस लाने में मदद करने की अपील की। उन्होंने घटना की औपचारिक जांच की भी मांग की।
शिवानंद चौरसिया के पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि शिवानंद का आखिरी फोन 9 जून को उनकी पत्नी से हुआ था। वह एक किसान और पान की दुकान चलाते हैं। शिवानंद के छोटे भाई राम परवेश चौरसिया दुबई में एक निजी कंपनी में काम करते हैं।
पटनाला सुरेश की पत्नी भार्गवी ने कहा कि उन्हें गुरुवार दोपहर 1 बजे पति की मौत की पुष्टि मिली। वह 24 जून को अपनी 15वीं शादी की सालगिरह मनाने वाले थे। सुरेश के दो बेटे (13 और 10 वर्ष) हैं।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस घटना ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने सरकार से शवों को जल्द से जल्द वापस लाने और घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। विदेश मंत्रालय ने मामले पर संज्ञान लिया है और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- हमले में कितने भारतीय नाविक मारे गए? तीन भारतीय नाविक मारे गए: पटनाला सुरेश, शिवानंद चौरसिया और आदित्य शर्मा।
- हमला कहां हुआ? हमला ओमान के तट पर, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुआ।
- परिजनों ने क्या मांग की है? परिजनों ने घटना की औपचारिक जांच और शवों को वापस लाने में मदद की मांग की है।
स्रोत: www.hindustantimes.com