मुख्य तथ्य
तेलंगाना परिवहन विभाग ने स्कूल बसों की जांच के दौरान 165 मामले दर्ज किए हैं। यह अभियान स्कूलों और कॉलेजों के खुलने के बाद सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि 245 शैक्षणिक संस्थानों की बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 60 बसों को बिना वैध फिटनेस सर्टिफिकेट के चलने पर जब्त किया गया।
विस्तृत जानकारी
16 जून को सबसे अधिक उल्लंघन हैदराबाद में दर्ज हुए, जहां 49 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद मेडचल-मल्काजगिरी जिले में 21, रंगारेड्डी में 19 और संगारेड्डी में 12 मामले दर्ज हुए। हनुमाकोंडा, जंगांव, नलगोंडा, खम्मम और निर्मल जैसे अन्य जिलों में भी मामले दर्ज किए गए।
परिवहन विभाग के अनुसार, जांच दलों ने बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के चलने वाले वाहनों, क्षमता से अधिक छात्रों को ले जाने वाली बसों और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाली बसों की जांच की।
जांच के दायरे में क्या था?
- फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, बीमा और प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्रों की जांच
- ड्राइवरों के पास वैध लाइसेंस की जांच
- प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता
- ब्रेक की स्थिति का आकलन
प्रभाव और आंकड़े
तेलंगाना में कुल 25,987 शैक्षणिक संस्थान बसें (EIB) हैं, जिनमें से केवल 23,204 के पास ही वैध फिटनेस सर्टिफिकेट है। शेष 2,783 वाहनों को जल्द से जल्द फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अकेले हैदराबाद जिले में 3,215 स्कूल हैं, जिनमें 9,24,946 छात्र पढ़ते हैं। इसी तरह, मेडचल-मल्काजगिरी में 2,462 स्कूलों में 8,18,615 छात्र हैं। हालांकि, छात्रों को लाने-ले जाने के लिए EIB चलाने वाले स्कूलों की संख्या तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी।
FAQ
Telangana में स्कूल बसों पर कार्रवाई क्यों की गई?
स्कूलों के खुलने के बाद सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाया गया। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाली बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कितनी बसें जब्त की गईं?
अभियान के दौरान 60 बसें बिना वैध फिटनेस सर्टिफिकेट के चलने पर जब्त की गईं।
सबसे अधिक उल्लंघन कहाँ दर्ज हुए?
हैदराबाद में सबसे अधिक 49 मामले दर्ज हुए, उसके बाद मेडचल-मल्काजगिरी में 21 और रंगारेड्डी में 19 मामले।
Telangana में कितनी स्कूल बसों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है?
राज्य में कुल 25,987 स्कूल बसों में से 23,204 के पास ही वैध फिटनेस सर्टिफिकेट है, यानी 2,783 बसों के पास नहीं है।