मुख्य तथ्य
तेलंगाना में कथित फोन टैपिंग मामले की जांच तेज हो गई है। शनिवार को विशेष जांच दल (SIT) ने कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव और कांग्रेस सांसद अनिल कुमार यादव के बयान दर्ज किए। SIT ने दोनों को तकनीकी सबूत पेश किए और बताया कि उनके फोन पिछली सरकार के कार्यकाल में टैप किए गए थे।
विस्तृत जानकारी
सूत्रों के अनुसार, SIT ने मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव को सूचित किया कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले उनका फोन टैप किया गया था। पुलिस ने उन्हें तकनीकी सबूत दिखाए और पूछा कि उनके फोन को क्यों टैप किया गया होगा और क्या उन्हें कोई संदेह है। इसी तरह, SIT ने राज्यसभा सदस्य अनिल कुमार यादव को भी तकनीकी सबूत पेश किए और उनके बयान दर्ज किए। पुलिस ने कथित फोन टैपिंग की तारीखों और समय की जानकारी भी साझा की।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
अनिल कुमार यादव ने बाद में पत्रकारों को बताया कि SIT ने पुष्टि की है कि उनके पिता और पूर्व सांसद अंजन कुमार यादव का फोन भी निगरानी में था। उनकी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए, अधिकारियों ने उन्हें SIT कार्यालय बुलाने के बजाय उनके घर जाकर बयान दर्ज करने का फैसला किया है। अनिल यादव ने कहा, “जांचकर्ताओं ने मुझे मेरे फोन वार्तालापों के कथित अवरोधन से संबंधित महत्वपूर्ण सबूत दिखाए। जिन लोगों ने इस निगरानी की साजिश रची और जिन्होंने इसे अंजाम दिया, उनकी पहचान की जानी चाहिए और कानून के अनुसार सजा दी जानी चाहिए।”
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह मामला तेलंगाना में राजनीतिक विवाद का कारण बना हुआ है।
- SIT जांच में कई और लोगों के बयान दर्ज होने की संभावना है।
- पिछली सरकार पर फोन टैपिंग के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Telangana फोन टैपिंग मामले में SIT ने किसके बयान दर्ज किए?
SIT ने कृषि मंत्री Tummala Nageswara Rao और कांग्रेस सांसद Anil Kumar Yadav के बयान दर्ज किए।
क्या Anil Kumar Yadav के पिता का फोन भी टैप किया गया था?
हां, SIT ने पुष्टि की है कि पूर्व सांसद Anjan Kumar Yadav का फोन भी निगरानी में था।
SIT ने मंत्री को क्या जानकारी दी?
SIT ने मंत्री को बताया कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले उनका फोन टैप किया गया था और तकनीकी सबूत पेश किए।