मुख्य तथ्य: बारिश का आंकड़ा
तेलंगाना में इस साल मानसून ने निराश किया है। 10 जुलाई 2026 तक राज्य में सामान्य 6.5 सेमी के मुकाबले सिर्फ 4.3 सेमी बारिश हुई, जो पिछले साल की समान अवधि (6.6 सेमी) से 33% कम है। 1 जून से 10 जुलाई के बीच कुल बारिश 15.8 सेमी रही, जो सामान्य 19.5 सेमी से 19% कम है। हैदराबाद में 11.3 सेमी बारिश हुई, जो सामान्य 15.6 सेमी से 28% कम है।
मानसून की धीमी रफ्तार
तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी (TGDPS) के वरिष्ठ मौसम सलाहकार वाई.वी. रामा राव के अनुसार, इस साल मानसून का आगमन देरी से और कमजोर रहा। यह 8 जून को राज्य में दाखिल हुआ, लेकिन आगे बढ़ने में रुकावट आई और 23 जून तक ही सभी जिलों को कवर कर पाया। आमतौर पर यह प्रक्रिया 3-4 दिन में पूरी हो जाती है, लेकिन इस बार 15 दिन लग गए।
क्यों कम हुई बारिश?
रामा राव ने बताया कि जुलाई आमतौर पर सबसे गीला महीना होता है, लेकिन इस बार बारिश की गतिविधियां मध्य, पश्चिमी और उत्तरी भारत (महाराष्ट्र, गुजरात) की ओर शिफ्ट हो गई हैं। बंगाल की खाड़ी में कोई महत्वपूर्ण निम्न दबाव प्रणाली नहीं बन रही है, जो तेलंगाना में व्यापक बारिश लाती है। एल नीनो के मजबूत होने और भारतीय हिंद महासागर डिपोल (IOD) तथा मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) के प्रतिकूल होने के कारण बारिश दुर्लभ बनी हुई है।
आगे क्या उम्मीद?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2-3 हफ्तों तक तेलंगाना में स्थानीय गर्मी और नमी से केवल छिटपुट गरज के साथ बारिश हो सकती है। महत्वपूर्ण बारिश तभी संभव है जब आंध्र प्रदेश तट के पास मौसम प्रणाली विकसित हो। रामा राव ने कहा, 'पिछले 5-6 सालों में जून कमजोर होने पर भी जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश होती थी, लेकिन इस बार पैटर्न बदला है।'
तापमान में बढ़ोतरी
साफ आसमान के कारण दिन का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। राज्य भर में अधिकतम तापमान 34°C से 38°C और हैदराबाद में 33°C से 36°C के बीच दर्ज किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तेलंगाना में इस साल मानसून की बारिश कितनी कम हुई है?
10 जुलाई तक सामान्य 6.5 सेमी के मुकाबले सिर्फ 4.3 सेमी बारिश हुई, जो 33% कम है। 1 जून से 10 जुलाई तक कुल बारिश 15.8 सेमी रही, जो सामान्य 19.5 सेमी से 19% कम है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा कमी है?
20 जिले सूखाग्रस्त श्रेणी में हैं, जबकि सिर्फ 13 जिलों में सामान्य बारिश दर्ज की गई। हैदराबाद में 28% कम बारिश हुई।
आगे क्या उम्मीद है?
अगले 2-3 हफ्तों तक हल्की गरज के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है। महत्वपूर्ण बारिश के लिए आंध्र प्रदेश तट के पास मौसम प्रणाली बनना जरूरी है।