मुख्य तथ्य
तेलंगाना सरकार सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले लगभग 27 लाख बच्चों को विजया डेयरी द्वारा प्राप्त दूध उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है। इस कदम का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र को मजबूत करना और बच्चों को पोषण सहायता प्रदान करना है।
प्रस्ताव की पृष्ठभूमि
यह प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता में सचिवालय में शनिवार को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सामने आया। बैठक में पशुपालन मंत्री वकीटी श्रीहरि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
विस्तृत योजना
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कुल दूध उत्पादन का सटीक अनुमान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दूध देने वाले पशुओं की वास्तविक संख्या और दूध उत्पादन का आकलन करने के लिए फील्ड विजिट किए जाएं। अगली समीक्षा बैठक में एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
दूध खरीद मूल्य नीति पर जोर
श्री भट्टी ने दूध खरीद मूल्य पर स्पष्ट नीति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेयरी किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए और कोई बकाया न रहे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्कूलों को दूध की आपूर्ति का भुगतान संबंधित कल्याण विभाग सीधे एजेंसियों को करेगा, ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो।
किसानों पर प्रभाव
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर भुगतान से किसान परिवारों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वे डेयरियों को दूध की आपूर्ति जारी रखने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
तेलंगाना सरकार कितने बच्चों को दूध उपलब्ध कराने की योजना बना रही है?
सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के लगभग 27 लाख बच्चों को दूध उपलब्ध कराने की योजना है।
दूध की आपूर्ति कौन सी डेयरी करेगी?
विजया डेयरी द्वारा प्राप्त दूध की आपूर्ति की जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य डेयरी क्षेत्र को मजबूत करना और बच्चों को पोषण सहायता प्रदान करना है।
दूध की कीमतों का भुगतान कैसे सुनिश्चित किया जाएगा?
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों को दूध की आपूर्ति का भुगतान संबंधित कल्याण विभाग सीधे एजेंसियों को करेगा, ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो।