मुख्य तथ्य
चेन्नई: डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व बिजली मंत्री वी सेंथिलबालाजी ने रविवार को तमिलनाडु में जारी बिजली संकट को लेकर सत्तारूढ़ टीवीके सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को सोशल मीडिया पर ध्यान देने के बजाय बिजली कटौती को हल करने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
विस्तार से जानकारी
सेंथिलबालाजी ने एक बयान में आरोप लगाया कि टीवीके सरकार ने बदलाव का वादा करके वोट लिए, लेकिन अपने पहले महीने में ही लोगों को गहरी निराशा दी है। उन्होंने कहा, "टीवीके सरकार, जिसने बदलाव का वादा करके वोट हासिल किए, ने शासन के पहले महीने में ही लोगों को गहरी निराशा के अलावा कुछ नहीं दिया। असहनीय बिजली कटौती के कारण, जो 6 से 12 घंटे तक चलती है, नागरिक रात के अंधेरे में सड़कों पर विरोध करने को मजबूर हैं।"
उन्होंने कहा कि राजधानी चेन्नई और अन्य क्षेत्रों में हर रात सड़क जाम (रोड रोको) होता है, जो सरकार की प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है।
मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री पर निशाना
डीएमके नेता ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा, "मुख्यमंत्री, जिन्होंने एक बार पद संभालने पर तत्काल बदलाव का वादा किया था, चुप हैं और न तो बिजली कटौती को संबोधित करते हैं और न ही प्रेस से मिलते हैं।" उन्होंने बिजली मंत्री पर भी निशाना साधा, जो जवाब देने के बजाय रोज नई साजिश के सिद्धांत गढ़ रहे हैं।
सेंथिलबालाजी ने बिजली मंत्री द्वारा साझा किए गए एक सीसीटीवी क्लिप का जिक्र किया, जिसमें दावा किया गया था कि लोग फ्यूज कैरियर चुरा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "अगर फ्यूज चोरी हो जाता है, तो बिजली पूरी तरह से जानी चाहिए। यह रुक-रुक कर कैसे हो सकती है?"
प्रभाव और जनता की प्रतिक्रिया
बिजली कटौती ने तमिलनाडु में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लोग रात में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सेंथिलबालाजी ने कहा कि बिजली की मांग हर साल बढ़ती है, और असली प्रशासनिक क्षमता इस बढ़ती मांग को बिना जनता को परेशान किए प्रबंधित करने में है। उन्होंने दावा किया कि डीएमके के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने ऐसा ही किया था।
FAQ
तमिलनाडु में बिजली कटौती कितने घंटे की हो रही है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य में 6 से 12 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है, जिससे जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वी सेंथिलबालाजी ने क्या आरोप लगाए हैं?
DMK नेता ने TVK सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सोशल मीडिया पर ध्यान दे रही है जबकि बिजली संकट को हल करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।
बिजली मंत्री पर क्या आरोप है?
सेंथिलबालाजी ने आरोप लगाया कि बिजली मंत्री जवाब देने के बजाय रोज नई साजिश के सिद्धांत गढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री चुप हैं।