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Tamil Nadu Information Commission ने Sathangadu Lake से अतिक्रमण हटाने का दिया आदेश

मुख्य तथ्य तमिलनाडु सूचना आयोग (TNIC) ने राज्य सरकार से Sathangadu Lake से अतिक्रमण हटाने और इसे 135 एकड़ के मूल क्षेत्रफल में बहाल करने का आग्रह किया है। वर्तमान में झील का क्षेत्रफल घटकर…

मुख्य तथ्य

तमिलनाडु सूचना आयोग (TNIC) ने राज्य सरकार से Sathangadu Lake से अतिक्रमण हटाने और इसे 135 एकड़ के मूल क्षेत्रफल में बहाल करने का आग्रह किया है। वर्तमान में झील का क्षेत्रफल घटकर केवल 70 एकड़ रह गया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने लिखित रूप में स्वीकार किया है कि झील के लगभग 60 एकड़ हिस्से पर विभिन्न सार्वजनिक और निजी संगठनों ने कब्जा कर लिया है, जिनमें भारत सरकार के उपक्रम भी शामिल हैं।

विस्तृत जानकारी

राज्य सूचना आयुक्त आर. प्रियकुमार ने तिरुवल्लुर कलेक्टर को इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और झील को पूरी तरह से बहाल करने के लिए कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन आयुक्त से भी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया की सीधे निगरानी करने और भविष्य में अतिक्रमण से झील की रक्षा के उपाय सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। राजस्व विभाग के जन सूचना अधिकारी (PIO) को 30 जुलाई को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

यह मामला मनाली निवासी एस. आनंदन द्वारा दायर याचिका से उत्पन्न हुआ, जिसमें कहा गया कि Sathangadu Lake का मूल क्षेत्रफल 135 एकड़ से घटकर 70 एकड़ रह गया है। उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन दायर कर झील के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज क्षेत्रफल की जानकारी मांगी। याचिकाकर्ता ने 28 मार्च 2008 को प्रकाशित एक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की, जिसमें तत्कालीन तिरुवल्लुर कलेक्टर ने झील का क्षेत्रफल 135 एकड़ बताया था। PIO और प्रथम अपीलीय प्राधिकरण से संतोषजनक उत्तर न मिलने पर आनंदन ने TNIC में अपील दायर की।

मामले की सुनवाई के दौरान, आयुक्त प्रियकुमार ने तिरुवोट्टियूर तहसीलदार को झील के आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज क्षेत्रफल और अतिक्रमणों का विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि PIO याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई जानकारी प्रदान करने में विफल रहता है तो उस पर अधिकतम ₹25,000 का जुर्माना लगाया जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों के साथ झील क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत दो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (जिनके कार्यालय सथांगडु में स्थित हैं) और दो निजी पेट्रोकेमिकल कंपनियों ने 15-20 वर्षों से झील के लगभग 10 एकड़ हिस्से पर अतिक्रमण कर रखा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि MGR Nagar नामक आवासीय क्षेत्र, जो लगभग 10 एकड़ में फैला है, में लगभग 200 परिवार रहते हैं। अतिक्रमणों में एक मंदिर और राज्य सरकार द्वारा बनाया गया एक सार्वजनिक शौचालय भी शामिल है।

प्रभाव और महत्व

आयुक्त प्रियकुमार ने अतिक्रमणों और पर्यावरण तथा स्थानीय जल संसाधनों पर उनके प्रभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जल निकायों की रक्षा करना न केवल सरकार का कर्तव्य है बल्कि लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। Sathangadu Lake न केवल उत्तर चेन्नई के कई आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत है, बल्कि प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियों के लिए आवास भी प्रदान करता है। अनियंत्रित अतिक्रमणों के कारण जल निकाय के विनाश से पर्यावरण और उद्योग दोनों को अपूरणीय क्षति होगी।

प्रियकुमार ने कहा कि अतिक्रमण हटाने और जल निकाय को बहाल करने की उनकी सिफारिश तमिलनाडु सरकार के G.O. (Ms.) No. 540 पर आधारित है, जो सभी जिला कलेक्टरों को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए निवारण समितियां गठित करने का निर्देश देता है, साथ ही Tamil Nadu Protection of Tanks and Eviction of Encroachment Act, 2007 पर भी आधारित है। उन्होंने कहा कि उनका आदेश सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों के अनुरूप है, जिन्होंने जल निकायों पर अतिक्रमण की कड़ी निंदा की है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • Sathangadu Lake का मूल क्षेत्रफल 135 एकड़ था, जो अब 70 एकड़ रह गया है।
  • लगभग 60 एकड़ पर अतिक्रमण है, जिसमें सरकारी उपक्रम, निजी कंपनियां, बस्ती, मंदिर और सार्वजनिक शौचालय शामिल हैं।
  • TNIC ने तिरुवल्लुर कलेक्टर को अतिक्रमण हटाने और झील को बहाल करने का आदेश दिया है।
  • अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी, जिसमें PIO को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Sathangadu Lake का मूल क्षेत्रफल कितना है?

Sathangadu Lake का मूल क्षेत्रफल 135 एकड़ है, जो अब घटकर 70 एकड़ रह गया है।

अतिक्रमण में कौन-कौन शामिल हैं?

अतिक्रमण में सार्वजनिक और निजी संगठन, दो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, दो निजी पेट्रोकेमिकल कंपनियां, MGR Nagar बस्ती (लगभग 200 परिवार), एक मंदिर और राज्य सरकार द्वारा बनाया गया एक सार्वजनिक शौचालय शामिल हैं।

आदेश किस अधिनियम के तहत दिया गया?

आदेश तमिलनाडु सरकार के G.O. (Ms.) No. 540 और Tamil Nadu Protection of Tanks and Eviction of Encroachment Act, 2007 के तहत दिया गया।

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