मुख्य तथ्य
तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने मंगलवार (16 जून 2026) को राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर एक श्वेत पत्र जारी किया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया गया।
विस्तृत जानकारी
सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, श्री विल्सन ने कहा कि तमिलनाडु पर प्रत्यक्ष कर्ज का बोझ 10 लाख करोड़ रुपये है और राजस्व घाटा 78,324 करोड़ रुपये है, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर है।
राज्य के स्वयं के कर राजस्व (SOTR) और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का अनुपात 5.45% है, जो काफी कम है।
प्रभाव और पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के तुरंत बाद, TVK के संस्थापक नेता सी. जोसेफ विजय ने आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार राज्य के वित्त पर एक श्वेत पत्र जारी करेगी। यह श्वेत पत्र उसी दिशा में एक कदम है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- राज्य पर कर्ज का बोझ 10 लाख करोड़ रुपये है।
- राजस्व घाटा 78,324 करोड़ रुपये रिकॉर्ड स्तर पर।
- SOTR/GSDP अनुपात 5.45% बहुत कम।
FAQ
तमिलनाडु का कुल कर्ज कितना है?
श्वेत पत्र के अनुसार, राज्य पर प्रत्यक्ष कर्ज 10 लाख करोड़ रुपये है।
राजस्व घाटा कितना है?
राजस्व घाटा 78,324 करोड़ रुपये है, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर है।
श्वेत पत्र किसने जारी किया?
तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने 16 जून 2026 को चेन्नई में यह श्वेत पत्र जारी किया।