मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने राज्य की बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए 231 नए सबस्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है। इस परियोजना पर 15,032 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने मंगलवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।
परियोजना का विवरण
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए 15,058 कर्मचारियों की भर्ती और बिजली सामग्री की खरीद के निर्देश भी दिए। यह कदम हाल के हफ्तों में बढ़ी बिजली कटौती के मद्देनजर उठाया गया है, जिसकी विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की है।
सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं है, क्योंकि उत्पादन और खरीद पर्याप्त है। हालांकि, शहरी क्षेत्रों में पुराने ट्रांसफॉर्मर, केबल फॉल्ट, बढ़ती खपत और सड़क खुदाई के कारण स्थानीय स्तर पर रुकावटें आती हैं।
चेन्नई पर विशेष ध्यान
चेन्नई में बिजली समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए लगभग 2,275 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लागू की जाएंगी। राज्य भर में 121 नए और उन्नत सबस्टेशन 10,109 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं
सरकार नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और नए ताप विद्युत संयंत्रों के माध्यम से भविष्य की बिजली मांग को पूरा करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बिजली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
AIADMK के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने कहा कि बिना सूचना के बिजली कटौती और 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के कारण लोग परेशान हैं। उन्होंने सरकार पर बिजली उत्पादन और नए सबस्टेशनों की योजना बनाने में विफल रहने का आरोप लगाया।
FAQ
तमिलनाडु में कितने नए सबस्टेशन बनाए जाएंगे?
तमिलनाडु सरकार 231 नए सबस्टेशन स्थापित करेगी।
इस परियोजना की लागत कितनी है?
इस परियोजना की अनुमानित लागत 15,032 करोड़ रुपये है।
बिजली कटौती के लिए क्या कारण बताए गए हैं?
सरकार के अनुसार, पुराने ट्रांसफॉर्मर, केबल फॉल्ट, बढ़ती खपत और सड़क खुदाई के दौरान केबल क्षति के कारण स्थानीय स्तर पर रुकावटें आती हैं।
स्रोत: www.hindustantimes.com