मुख्य तथ्य
हिमाचल प्रदेश और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों के 55 मेधावी छात्रों को स्वामी सेवानंद गिरि अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ऊना जिले के ठाकुरद्वारा गौरीशंकर मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दिया गया। पुरस्कार में नकद राशि, प्रमाणपत्र और स्वामी जी की जीवनी पर आधारित पुस्तक शामिल है।
सम्मान समारोह का विवरण
यह अवार्ड उन छात्रों को दिया गया जिन्होंने सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा में प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान प्राप्त किया। कमेटी के पदाधिकारी संबंधित स्कूलों में जाकर छात्रों को सम्मानित करते हैं। इस वर्ष कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चंद्र भारद्वाज, प्रो. बी.के. शर्मा, हरीश और डॉ. महेंद्र गोपाल शास्त्री ने छात्रों को पुरस्कार वितरित किए।
प्रभाव और महत्व
यह पुरस्कार शिक्षा के प्रति स्वामी सेवानंद गिरि के लगाव और प्रेरणा से प्रेरित है। मंदिर कमेटी ने पिछले कई वर्षों से यह परंपरा निभाई है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
पुरस्कार वितरण में शामिल स्कूल
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के सीमावर्ती सरकारी स्कूल
- पंजाब के नंगल और आसपास के सरकारी स्कूल
- कुल 17 स्कूलों के 55 छात्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्वामी सेवानंद गिरि अवार्ड कौन देता है?
यह अवार्ड ऊना जिले के ठाकुरद्वारा गौरीशंकर मंदिर कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाता है।
इस वर्ष कितने छात्रों को सम्मानित किया गया?
हिमाचल और पंजाब के 17 स्कूलों के 55 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया।
पुरस्कार में क्या दिया जाता है?
नकद राशि, प्रमाणपत्र और स्वामी सेवानंद गिरि की जीवनी पर आधारित पुस्तक दी जाती है।