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सुप्रीम कोर्ट ने आधार के दुरुपयोग पर केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब

मुख्य तथ्य सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 जून, 2026) को केंद्र और राज्यों से एक याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें आधार कार्ड के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है…

मुख्य तथ्य

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 जून, 2026) को केंद्र और राज्यों से एक याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें आधार कार्ड के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि आधार का उपयोग नागरिकता, अधिवास, पता और जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में किया जा रहा है, जबकि कानून इसे केवल पहचान प्रमाण मानता है।

याचिका का विवरण

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर केंद्र और सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया। याचिका में केंद्र, राज्यों और चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है कि आधार का उपयोग केवल पहचान प्रमाण के रूप में किया जाए, न कि नागरिकता, अधिवास, पता और जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में।

कानूनी प्रावधान

याचिका में कहा गया है कि आधार अधिनियम, 2016 की धारा 9 स्पष्ट रूप से कहती है कि 'आधार नागरिकता या अधिवास का प्रमाण नहीं है'। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की 22 अगस्त 2023 की अधिसूचना में भी स्पष्ट किया गया है कि 'आधार पहचान का प्रमाण है, न कि नागरिकता, पता या जन्मतिथि का'।

दुरुपयोग के उदाहरण

याचिका में आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद आधार का उपयोग स्कूल प्रवेश, संपत्ति खरीद, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने में आयु, नागरिकता और अधिवास प्रमाण के रूप में किया जा रहा है। साथ ही, नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में जन्मतिथि और निवास प्रमाण के रूप में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि इससे घुसपैठिए और अवैध प्रवासी आधार का उपयोग करके विभिन्न दस्तावेज प्राप्त कर रहे हैं।

मतदाता पंजीकरण में खामी

याचिका में तर्क दिया गया कि फॉर्म-6 के तहत मौजूदा सत्यापन तंत्र अपर्याप्त है और इससे उचित दस्तावेजों के बिना व्यक्तियों को चुनावी डेटाबेस में शामिल किया जा सकता है। याचिका में चुनावी प्रक्रियाओं में उपयोग किए जाने वाले सत्यापन ढांचे में व्यापक सुधार की मांग की गई है।

निगरानी समिति का प्रस्ताव

याचिका में एक उच्चाधिकार प्राप्त निगरानी समिति गठित करने का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश के साथ साइबर सुरक्षा और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हों, जो सुधारों की देखरेख करे।

FAQ

क्या आधार नागरिकता का प्रमाण है?

नहीं, आधार अधिनियम 2016 की धारा 9 के अनुसार आधार नागरिकता या अधिवास का प्रमाण नहीं है। यह केवल पहचान का प्रमाण है।

आधार का दुरुपयोग कैसे हो रहा है?

आधार का उपयोग स्कूल प्रवेश, संपत्ति खरीद, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और मतदाता पंजीकरण में जन्मतिथि और निवास प्रमाण के रूप में किया जा रहा है, जो कानून के विरुद्ध है।

याचिका में क्या मांग की गई है?

याचिका में आधार को केवल पहचान प्रमाण तक सीमित रखने, मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 में इसके उपयोग पर रोक, और एक उच्चाधिकार प्राप्त निगरानी समिति गठित करने की मांग की गई है।

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