मुख्य तथ्य
भारत में 15-39 वर्ष आयु वर्ग में आत्महत्या मृत्यु का प्रमुख कारण है। यह जानकारी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से किए गए एक संयुक्त अध्ययन में सामने आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है, और हर आत्महत्या के लिए कई और लोग प्रयास करते हैं।
आत्महत्या रोकथाम के उपाय
WHO का कहना है कि आत्महत्या रोकी जा सकती है। इसके लिए सुझाए गए उपायों में शामिल हैं:
- आत्महत्या के साधनों तक पहुँच कम करना
- मानसिक समस्याओं वाले लोगों की शीघ्र पहचान और उपचार
- आत्महत्या प्रयास करने वालों की फॉलो-अप देखभाल
आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन और परामर्श सेवाएँ इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा जैसे राज्य मेडिकल हेल्पलाइन के माध्यम से मानसिक विकारों से ग्रस्त लोगों को परामर्श प्रदान करते हैं।
हेल्पलाइन नंबर
यहाँ कुछ प्रमुख आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं:
- iCALL: 91529 87821
- 1Life: 78930-78930; 100
- GGH-Kakinada: 98499-03870
- Sneha: 044-24640050
- राज्य स्वास्थ्य हेल्पलाइन: 104
- DISHA: 1056, 0471-2552056
- Maithri: 0484-2540530
- Thanal Suicide Prevention Centre: 0495-2760000
- BMC Mental Health Helpline: 022-24131212 (24x7)
- Vandrevala Foundation: 18602662345 / 18002333330 (24x7)
- iCALL: 022-25521111 (सोम-शनि, सुबह 8 बजे से रात 10 बजे)
- ASRA: 022 2754 6669 (24x7)
- The Samaritans Mumbai: 8422984528 / 842984529 / 8422984530 (शाम 5-8 बजे, सभी दिन)
FAQ
आत्महत्या रोकथाम के लिए कौन-कौन सी हेल्पलाइन उपलब्ध हैं?
iCALL (91529 87821), 1Life (78930-78930), Sneha (044-24640050), Vandrevala Foundation (18602662345), और The Samaritans Mumbai (8422984528) जैसी कई हेल्पलाइन 24x7 सेवा प्रदान करती हैं।
क्या आत्महत्या रोकी जा सकती है?
हाँ, WHO के अनुसार आत्महत्या रोकी जा सकती है। इसके लिए साधनों तक पहुँच कम करना, मानसिक समस्याओं का शीघ्र उपचार और प्रयास करने वालों की फॉलो-अप देखभाल आवश्यक है।
भारत में किस आयु वर्ग में आत्महत्या सबसे आम है?
ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त अध्ययन के अनुसार, 15-39 वर्ष के युवाओं में आत्महत्या मृत्यु का प्रमुख कारण है।