Desh Duniya | Congress

गले मिलने की राजनीति: सोनिया गांधी-ममता बनर्जी मुलाकात के मायने

मुख्य तथ्य कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच हाल ही में हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है…

मुख्य तथ्य

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच हाल ही में हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) 15 साल बाद मई 2026 में पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद संकट से जूझ रही है और पार्टी से कई नेताओं के बाहर निकलने का सिलसिला जारी है।

मुलाकात के पीछे की कहानी

सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को सिर्फ सांत्वना ही नहीं दी, बल्कि एकता का संदेश दिया। इससे यह अटकलें तेज हो गईं कि कहीं टीएमसी कांग्रेस में विलय तो नहीं कर लेगी। ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस छोड़कर टीएमसी बनाई थी। अगर यह विलय होता है, तो न केवल टीएमसी को संभलने का मौका मिलेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस भी मजबूत होगी और भाजपा के खिलाफ एकजुट विपक्ष खड़ा हो सकता है। वाम दल, जिन्हें टीएमसी ने अपने शासनकाल में कमजोर कर दिया था, अब भी उबर नहीं पाए हैं।

गले मिलने की राजनीति का इतिहास

सोनिया गांधी ने महिला नेताओं के प्रति विशेष स्नेह दिखाया है। 2018 में, उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में बसपा प्रमुख मायावती को गले लगाया था। 1999 में, वह मायावती के जन्मदिन पर गुलाबी फूलों का गुलदस्ता लेकर उनके घर गई थीं। 2003 में, जब बसपा संस्थापक कांशी राम अस्पताल में थे, तब सोनिया ने फूल भेजे और मायावती को फोन करके उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा।

गले मिलने की यह राजनीति सिर्फ कांग्रेस तक सीमित नहीं है। 2015 में, नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव ने पटना में एक-दूसरे को गले लगाकर 20 साल की दुश्मनी खत्म की थी और बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराया था। हालांकि, बाद में वे फिर से अलग हो गए। 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले, सोनिया गांधी और शरद पवार ने महाराष्ट्र के भंडारा में एक मंच साझा किया था, जो 1999 में पवार के कांग्रेस छोड़ने के बाद सुलह का संकेत था।

वर्तमान परिदृश्य और संभावनाएं

शरद पवार की एनसीपी और टीएमसी, दोनों ही कांग्रेस से अलग हुई प्रमुख पार्टियां, अब बुरी तरह कमजोर हो चुकी हैं। शरद पवार 85 वर्ष के हैं और बीमार हैं, जबकि उनके भतीजे अजित पवार की इस साल हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में, जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को और मजबूत करने की जरूरत है। सपा ने अपने संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बीजेपी और कांग्रेस से समान दूरी की नीति को छोड़ दिया है। मुलायम ने एक बार कहा था, 'उन्होंने बहुत सम्मान दिया है।' यह बताता है कि जब पुराने विरोधी कांग्रेस पर निर्भर हो जाते हैं, तो कांग्रेस गठबंधन बना सकती है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • सोनिया गांधी-ममता बनर्जी मुलाकात टीएमसी के कांग्रेस में विलय की संभावना को दर्शाती है।
  • गले मिलने की राजनीति भारतीय राजनीति में गठबंधन और सुलह का एक प्रतीक है।
  • पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में विपक्षी एकता भाजपा के लिए चुनौती पेश कर सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात क्यों महत्वपूर्ण है?

यह मुलाकात टीएमसी में संकट के बीच हुई है और कांग्रेस में वापसी की संभावना को जन्म देती है, जो पश्चिम बंगाल में विपक्ष को मजबूत कर सकती है।

क्या टीएमसी का कांग्रेस में विलय हो सकता है?

फिलहाल यह अटकलों के स्तर पर है, लेकिन दोनों पार्टियों के बीच संरचनात्मक बाधाओं को पार करना होगा। सोनिया गांधी के आलिंगन को सहयोग बढ़ाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

गले मिलने की राजनीति का भारतीय राजनीति में क्या महत्व है?

यह गठबंधन और सुलह का एक प्रतीकात्मक संकेत है, जैसे नीतीश कुमार-लालू यादव का आलिंगन या सोनिया गांधी-शरद पवार का मंच साझा करना।

Follow us on Google News

Explore more

RTI Activism Has Become a New Business, Says Supreme Court; Denies Anticipatory Bail to Activist

Key Facts The Supreme Court on Monday refused to grant anticipatory bail to an RTI activist and his associate, observing that RTI…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

Meghalaya CM: Northeast ‘Daring to Dream’ with Mega Stadium, Five-Star Hotels

Key Facts Meghalaya Chief Minister Conrad Sangma announced ambitious infrastructure projects at the North East India Infrastructure Summit and Exhibition 2026 in…

BJP Telangana Chief Alleges Illegal Voter Infiltration, Demands Action

Key Allegations Bharatiya Janata Party (BJP) Telangana president N. Ramchander Rao on Monday alleged that the Congress, Bharat Rashtra Samithi (BRS), and…

कर्नाटक में कनेरी मठ के प्रमुख के प्रवेश का लिंगायत संगठनों ने किया विरोध

मुख्य तथ्य कर्नाटक के विजयपुरा जिले में जुलाई में होने वाले एक हिंदुत्व सम्मेलन में कनेरी मठ के प्रमुख श्री अद्रुश्य कडसिद्धेश्वर…