मुख्य तथ्य
राजकीय महाविद्यालय सोलन ने वन महोत्सव सप्ताह के अवसर पर ग्राम गलानग में एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान देवदार और चीड़ के 40 पौधे रोपे गए। यह आयोजन 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत हुआ, जिसमें कॉलेज के शिक्षकों, एनएसएस स्वयंसेवकों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का विवरण
यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद शिमला के सहयोग से आयोजित किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा कोहली के मार्गदर्शन में यह अभियान चला। डॉ. तन्वी कपूर और डॉ. त्रिवेणी ने इसका समन्वय किया।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
पौधारोपण के साथ-साथ छात्रों और स्वयंसेवकों ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया और उन्हें पौध रोपण के महत्व, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण बचाने के उपायों के प्रति जागरूक किया। महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्या करें पाठक?
- अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें।
- पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाएं।
- स्थानीय वृक्षारोपण अभियानों में भाग लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह पौधारोपण कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया?
यह कार्यक्रम सोलन जिले के ग्राम गलानग में आयोजित किया गया।
कितने पौधे रोपे गए और किन प्रजातियों के?
कुल 40 पौधे रोपे गए, जिनमें देवदार और चीड़ की प्रजातियाँ शामिल हैं।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
वन महोत्सव सप्ताह के तहत 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का आयोजन किन संस्थाओं ने किया?
राजकीय महाविद्यालय सोलन के ईको-लिटरेसी क्लब, पर्यावरण विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद शिमला के सहयोग से इसका आयोजन किया।