सोलन आयुर्वेदिक अस्पताल में 16 मरीजों के ऑपरेशन टले
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में आयोजित पैरा सर्जिकल शिविर के दूसरे दिन 16 मरीजों के ऑपरेशन टल गए। दरअसल, शिविर में ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को आपातकालीन ड्यूटी पर नालागढ़ आयुर्वेदिक अस्पताल भेज दिया गया, जिससे शिविर केवल एक दिन ही चल सका।
डॉक्टर की अनुपस्थिति से शिविर प्रभावित
यह शिविर प्रतिमाह आयोजित किया जाता है, जिसमें सोलन के अलावा आसपास के जिलों से भी मरीज पहुंचते हैं। ऑपरेशन टलने से दूर-दराज से आए मरीजों को विशेष परेशानी हुई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सोलन आयुर्वेदिक अस्पताल में गुदा रोग एवं सर्जरी विशेषज्ञ का पद खाली होने के कारण नालागढ़ से ही डॉक्टर बुलाए जाते हैं।
पैरा सर्जिकल शिविर में क्या होता है?
इस शिविर में आयुर्वेदिक पद्धति से बवासीर, पाइल्स और अल्सर जैसी बीमारियों का दर्द रहित ऑपरेशन किया जाता है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण प्रतीक्षा सूची लंबी रहती है।
अब नालागढ़ में होगा शिविर
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अब यह शिविर नालागढ़ आयुर्वेदिक अस्पताल में आयोजित किया जाएगा, जहां बचे मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार दिया जाएगा। डॉ. जितेश गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन के बाद अधिकतर मरीजों को आराम मिल रहा है और यह उपचार दर्द रहित होने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सोलन आयुर्वेदिक अस्पताल में ऑपरेशन क्यों टले?
पैरा सर्जिकल शिविर में ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को आपातकालीन ड्यूटी पर नालागढ़ भेज दिया गया, जिससे शिविर का दूसरा दिन रद्द हो गया।
कितने मरीज प्रभावित हुए?
शिविर के दूसरे दिन 16 मरीजों के ऑपरेशन टल गए।
अस्पताल में सर्जन की कमी क्यों है?
सोलन आयुर्वेदिक अस्पताल में गुदा रोग एवं सर्जरी विशेषज्ञ का पद खाली है, जिसके कारण नालागढ़ से डॉक्टर बुलाए जाते हैं।
अब मरीजों का इलाज कब होगा?
अब यह शिविर नालागढ़ में आयोजित किया जाएगा, जहां बचे मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी।