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सोशल मीडिया ने पारंपरिक मीडिया को पीछे छोड़ा: रॉयटर्स रिपोर्ट

मुख्य तथ्य रॉयटर्स इंस्टीट्यूट की 15वीं डिजिटल न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में समाचारों में विश्वास 2015 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। साथ ही, लोग अब पारंपरिक वेबसाइटों और टीवी…

मुख्य तथ्य

रॉयटर्स इंस्टीट्यूट की 15वीं डिजिटल न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में समाचारों में विश्वास 2015 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। साथ ही, लोग अब पारंपरिक वेबसाइटों और टीवी चैनलों की बजाय सोशल मीडिया और वीडियो नेटवर्क के माध्यम से खबरें पढ़ रहे हैं। यह रिपोर्ट चेन्नई के एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म के सहयोग से तैयार की गई है और इसमें 48 देशों के लगभग 1 लाख लोगों का ऑनलाइन सर्वे किया गया।

विस्तृत जानकारी

बदलती उपभोग आदतें

रिपोर्ट में पाया गया कि समाचारों में रुचि कम हो रही है, लेकिन स्थापित ब्रांडों पर विश्वास और निष्पक्ष समाचारों के प्रति समर्थन बना हुआ है। हालांकि, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया और वीडियो नेटवर्क ने खबरों के प्रमुख स्रोत के रूप में पारंपरिक मीडिया को पीछे छोड़ दिया है। यह प्रवृत्ति युवाओं में अधिक स्पष्ट है, लेकिन सभी आयु वर्गों में देखी जा रही है।

एआई चैटबॉट का उपयोग

रिपोर्ट में एआई चैटबॉट के माध्यम से समाचार प्राप्त करने वालों की संख्या में वृद्धि पाई गई। वैश्विक स्तर पर 10% उत्तरदाता अब एआई चैटबॉट का उपयोग करते हैं, खासकर 35 वर्ष से कम आयु के लोग।

ऑनलाइन वीडियो का बढ़ता चलन

77% उत्तरदाता हर हफ्ते ऑनलाइन समाचार वीडियो देखते हैं, लेकिन वे इसे समाचार वेबसाइटों या ऐप्स पर नहीं, बल्कि यूट्यूब, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और फेसबुक जैसे तीसरे पक्ष के प्लेटफॉर्म पर देखते हैं।

कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका

लगभग 27% उत्तरदाता कंटेंट क्रिएटर्स से खबरें प्राप्त करते हैं। ये क्रिएटर्स पारंपरिक मीडिया के पूरक हैं, न कि प्रतिस्थापन। उन्हें विश्वसनीयता और निष्पक्षता में कम लेकिन मनोरंजन और सरलता में बेहतर माना जाता है।

प्रभाव

यह रिपोर्ट दर्शाती है कि समाचार उद्योग को बदलती उपभोग आदतों के अनुसार ढलने की आवश्यकता है। पारंपरिक मीडिया को अपनी सामग्री को अधिक सुलभ और आकर्षक बनाना होगा, खासकर युवा पीढ़ी के लिए। साथ ही, गलत सूचना के बढ़ते खतरे को देखते हुए विश्वसनीयता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • समाचार पढ़ने के लिए सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ रहा है।
  • युवा पीढ़ी एआई चैटबॉट और कंटेंट क्रिएटर्स से खबरें प्राप्त कर रही है।
  • पारंपरिक मीडिया को डिजिटल परिवर्तन को अपनाना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रॉयटर्स डिजिटल न्यूज रिपोर्ट 2024 के मुख्य निष्कर्ष क्या हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया और वीडियो नेटवर्क (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, यूट्यूब) ने खबरों के प्रमुख स्रोत के रूप में पारंपरिक मीडिया को पीछे छोड़ दिया है। साथ ही, समाचारों में विश्वास 2015 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

युवा पीढ़ी समाचार कैसे पढ़ती है?

युवा पीढ़ी (35 वर्ष से कम) समाचारों के लिए सोशल मीडिया और एआई चैटबॉट का अधिक उपयोग करती है। वे पारंपरिक समाचार पत्रों की आदतों को नहीं अपनाते, बल्कि वीडियो और कंटेंट क्रिएटर्स के माध्यम से खबरें प्राप्त करते हैं।

कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका क्या है?

लगभग 27% उत्तरदाता कंटेंट क्रिएटर्स से खबरें प्राप्त करते हैं। वे पारंपरिक मीडिया के पूरक हैं, न कि प्रतिस्थापन। क्रिएटर्स को विश्वसनीयता में कम लेकिन मनोरंजन और सरलता में बेहतर माना जाता है।

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