बकलोह में दंगल मेले का आयोजन
चंबा जिले के भटियात क्षेत्र के बकलोह में बम धरा मेला कमेटी द्वारा पारंपरिक दंगल मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का शुभारंभ कमेटी के वरिष्ठ नागरिक राजिंदर गुरुंग ने किया, जबकि कमेटी की प्रधान शर्मिला राई ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया।
मेले का ऐतिहासिक महत्व
राजिंदर गुरुंग ने बताया कि यह मेला साल 1887 में अंग्रेजों के कार्यकाल में शुरू हुआ था और तब से लगातार स्थानीय निवासियों द्वारा पारंपरिक रूप से मनाया जा रहा है। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
रोमांचक पहलवानी मुकाबले
दंगल मेले में कई रोमांचक मुकाबले हुए। बड़ी माली का खिताब पठानकोट के शुभम पहलवान ने जीता, जिन्होंने अपने ही शहर के सोनू पहलवान को पराजित किया। दूसरी माली नब्बू भटियात ने अपने नाम की, उन्होंने बंटी जुगयाल को हराया। तीसरी माली के मुकाबले में ज्वाली के निखिल पहलवान ने चुवाड़ी के लब्बू पहलवान को मात दी।
विजेताओं को सम्मान
मेला कमेटी ने सभी विजेता पहलवानों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। दर्शकों ने जोरदार तालियों से पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बकलोह दंगल मेला कब शुरू हुआ?
यह मेला 1887 में अंग्रेजों के कार्यकाल में शुरू हुआ था और आज भी पारंपरिक रूप से मनाया जाता है।
बड़ी माली किसने जीती?
पठानकोट के शुभम पहलवान ने बड़ी माली जीती, उन्होंने सोनू पहलवान को हराया।
दूसरी और तीसरी माली किसने जीती?
दूसरी माली नब्बू भटियात ने और तीसरी माली ज्वाली के निखिल पहलवान ने जीती।