Desh Duniya | आर्द्रभूमि

शूलागिरी में आर्द्रभूमि को जहरीला कचरा डंप कर बर्बाद करने का मामला उजागर

प्रमुख तथ्य तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में शूलागिरी के पास एक आर्द्रभूमि को औद्योगिक कचरे के डंपिंग ग्राउंड में बदल दिया गया है। यह स्थान कृष्णागिरी-होसुर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर चप्पाडी के निकट स्थित है।…

प्रमुख तथ्य

तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में शूलागिरी के पास एक आर्द्रभूमि को औद्योगिक कचरे के डंपिंग ग्राउंड में बदल दिया गया है। यह स्थान कृष्णागिरी-होसुर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर चप्पाडी के निकट स्थित है। लगभग 0.34 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस आर्द्रभूमि पर सफेद ग्रेनाइट धूल, काले औद्योगिक कचरे के केक और प्लास्टिक की बोरियों में भरा जहरीला कचरा डाला गया है।

विस्तृत जानकारी

यह आर्द्रभूमि नल्लगनकोठापल्ली गांव में स्थित है और इसकी सीमा सिन्नायन झील से मिलती है, जो सैकड़ों हेक्टेयर धान के खेतों और नारियल के बागों की सिंचाई करती है। झील का पानी तीन अन्य झीलों को भी भरता है। आर्द्रभूमियां भूजल पुनर्भरण और जल शोधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन यहां कचरे के ढेर ने पानी को काला कर दिया है।

तमिलनाडु विवसायिगल पाधुकाप्पु संगम के थिम्मराज ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन को शिकायत दी थी। उन्होंने कहा, "जब मानसून आएगा, तो यह जहरीला कचरा भूजल में रिस जाएगा और झील में रिवर्स सीपेज होगा, जिससे खेतों तक पानी दूषित हो जाएगा।"

प्रभाव और चिंताएं

इस डंपिंग से भूजल प्रदूषण, सिन्नायन झील और आसपास के जल निकायों को खतरा है। किसानों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं और पूरा पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ सकता है। शूलागिरी के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) आर. कला ने बताया कि उन्होंने मालिक को कचरा न डालने की सलाह दी थी, लेकिन मालिक ने कहा कि बीडीओ का उनकी जमीन पर कोई अधिकार नहीं है। तहसीलदार आर. रमेशबाबू ने कहा कि भले ही वह जमीन हो, केवल मिट्टी का ही उपयोग किया जा सकता है।

2023 में तमिलनाडु सरकार ने निजी जमीनों पर भी कचरा डंप करने पर चेतावनी दी थी, लेकिन यहां नियमों की अनदेखी हुई है। बीडीओ कला ने कहा कि वे नोटिस जारी करेंगे। थिम्मराज की शिकायत प्रदूषण बोर्ड को भेज दी गई है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

यह घटना पर्यावरण कानूनों की अनदेखी और प्रशासनिक निष्क्रियता को उजागर करती है। किसानों और स्थानीय समुदायों को सतर्क रहने और प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • शूलागिरी आर्द्रभूमि में क्या हुआ? कृष्णागिरी-होसुर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के पास 0.34 हेक्टेयर आर्द्रभूमि को औद्योगिक कचरे से भर दिया गया है, जिससे सिन्नायन झील और भूजल प्रदूषित होने का खतरा है।
  • इस डंपिंग के लिए कौन जिम्मेदार है? रिकॉर्ड के अनुसार, मुंबई स्थित सत्तूर बूच पांडरी नामक व्यक्ति को मालिक बताया गया है। बीडीओ और तहसीलदार ने मालिक को कचरा न डालने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने अनदेखा किया।
  • इसका पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा? बारिश के मौसम में जहरीला कचरा भूजल में रिसकर सिन्नायन झील और आसपास के खेतों को प्रदूषित कर सकता है, जिससे फसलें और पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होंगे।
  • प्रशासन ने क्या कार्रवाई की? बीडीओ ने नोटिस जारी करने की बात कही है, जबकि किसानों की शिकायत प्रदूषण बोर्ड को भेज दी गई है। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

स्रोत: www.thehindu.com

Follow us on Google News

Explore more

INDIA Bloc Unites Against Delimitation Bill, Congress Chief Sapkal Leads Charge

Key Facts The INDIA bloc, a coalition of opposition parties, has come out strongly against the proposed delimitation bill. State Congress chief…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

डेटा गोपनीयता: आपकी व्यक्तिगत जानकारी और कुकीज़ का उपयोग कैसे होता है?

डेटा गोपनीयता और आपकी सहमति जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो आपकी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि कुकीज़, डिवाइस पहचानकर्ता और…

डेटा गोपनीयता: जानें कैसे वेबसाइटें आपकी जानकारी का उपयोग करती हैं

डेटा गोपनीयता क्या है? डेटा गोपनीयता का अर्थ है कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी को कैसे एकत्र, संग्रहीत और उपयोग किया जाता है।…

देश-दुनिया की बड़ी खबरें: 16 जुलाई 2026

प्रमुख समाचार 16 जुलाई 2026 की सुबह की स्कूल असेंबली के लिए यहां प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार प्रस्तुत हैं। अमेरिका का…