शिमला में बारिश का कहर
शिमला शहर में पिछले दो हफ्तों से हो रही लगातार बारिश के कारण अब तक 15 पेड़ गिर चुके हैं। इस स्थिति को देखते हुए वन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वन विभाग की तैयारी
वन विभाग की टीमें किसी भी मार्ग अवरुद्ध होने या नुकसान की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेंगी। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गिरे हुए पेड़ों या अवरुद्ध मार्गों की सूचना तुरंत टोल फ्री नंबर 1077 पर दें। यह कदम बारिश से होने वाली समस्याओं को कम करने और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
जिला आपदा प्राधिकरण की भूमिका
बरसात से निपटने के लिए लोग जिला आपदा प्राधिकरण की हेल्पलाइन पर भी सूचना दे सकते हैं। प्राधिकरण को सूचना मिलते ही वन विभाग को तुरंत अलर्ट किया जाता है, जिसके बाद विभाग की टीम स्थिति से निपटने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू कर देती है।
नागरिकों से अपील
वन विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि कहीं भी कोई खतरनाक पेड़ हो, जिससे जान-माल को नुकसान होने का खतरा हो, तो तुरंत सूचित करें। विभाग ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी नागरिकों से सतर्क रहने और आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने का अनुरोध किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिमला में बारिश से कितने पेड़ गिरे हैं?
शिमला में लगातार बारिश के कारण अब तक 15 पेड़ गिर चुके हैं।
पेड़ गिरने की सूचना कहां दें?
नागरिक गिरे हुए पेड़ों या अवरुद्ध मार्गों की सूचना वन विभाग के टोल फ्री नंबर 1077 पर दे सकते हैं।
आपात स्थिति में किस विभाग से संपर्क करें?
आपात स्थिति में जिला आपदा प्राधिकरण की हेल्पलाइन पर सूचना दी जा सकती है, जो तुरंत वन विभाग को अलर्ट करेगा।