क्या है मामला?
शिमला नगर निगम की ऑनलाइन सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। निगम की वेबसाइट बंद होने से शहरवासी कूड़े के बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं। इससे शहर के 60 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को बिल जमा करने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जहां लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है।
विस्तार से जानकारी
नगर निगम शिमला हर महीने शहर के घरों, दुकानों, सरकारी और निजी संस्थानों को कूड़ा बिल जारी करता है। ये बिल मोबाइल मैसेज के जरिए भेजे जाते हैं। अधिकांश लोग निगम की वेबसाइट पर ऑनलाइन भुगतान करते थे, लेकिन पिछले कई दिनों से वेबसाइट में तकनीकी समस्या आ रही है। लोक मित्र केंद्रों पर भी बिल जमा नहीं हो पा रहे।
प्रभावित क्षेत्र और संख्या
- शहर में 60 हजार से अधिक लोग कूड़ा बिल जमा नहीं कर पा रहे।
- इसमें सभी निजी और सरकारी संस्थान, व्यावसायिक परिसर और दुकानें शामिल हैं।
- लोगों को निगम कार्यालय जाकर मैन्युअल भुगतान करना पड़ रहा है।
प्रॉपर्टी टैक्स की समस्या भी
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भुगतान की ऑनलाइन सुविधा भी बंद कर दी है। इस साल के बिलों में स्लैब दर की गड़बड़ी सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने बिल जारी करने की प्रक्रिया ही रोक दी है। पहले यह सुविधा वेबसाइट पर थी, अब लोगों को सिटीजन सेवा पोर्टल पर जाकर टैक्स जमा करना पड़ रहा है।
नगर निगम का रुख
अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा, 'वेबसाइट में तकनीकी खराबी को लेकर शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो इसे चेक करवाया जाएगा।' उन्होंने समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
लोगों की मांग
शहरवासियों ने इस समस्या का तुरंत समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऑनलाइन सेवा बंद होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिमला में कूड़ा बिल जमा करने में क्या समस्या आ रही है?
नगर निगम की वेबसाइट बंद होने से लोग ऑनलाइन बिल जमा नहीं कर पा रहे। उन्हें निगम कार्यालय जाकर लाइन में लगना पड़ रहा है।
कितने लोग प्रभावित हो रहे हैं?
शहर में 60 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें निजी और सरकारी संस्थान, व्यावसायिक परिसर और दुकानें शामिल हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स की ऑनलाइन सुविधा भी बंद है?
हां, निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भुगतान की ऑनलाइन सुविधा भी बंद कर दी है। लोगों को सिटीजन सेवा पोर्टल पर जाकर टैक्स जमा करना पड़ रहा है।
नगर निगम का क्या कहना है?
अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि वेबसाइट में तकनीकी खराबी की शिकायत नहीं मिली है, लेकिन जांच कर समस्या दूर की जाएगी।