शिमला में हिल कटिंग पर पूर्ण प्रतिबंध
शिमला नगर निगम ने मानसून के दौरान भूस्खलन की बढ़ती आशंका को देखते हुए शहर में हिल कटिंग (पहाड़ की कटाई) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध सरकारी और निजी दोनों प्रकार की परियोजनाओं पर लागू होगा। नगर निगम द्वारा गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आदेश अगले आदेशों तक प्रभावी रहेगा।
प्रतिबंध के कारण और उद्देश्य
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ों की कटाई से भूस्खलन और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, जिससे लोगों की जान-माल को नुकसान पहुंच सकता है। शहर के कई स्थानों पर निर्माण कार्यों के लिए की जा रही खोदाई और हिल कटिंग के कारण बरसात के दौरान मिट्टी खिसकने और चट्टानें गिरने का खतरा बना रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया गया है।
अधिकारियों का बयान
नगर निगम वास्तुकार राजेश शर्मा ने कहा, "लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की हिल कटिंग की अनुमति नहीं होगी। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।"
जलवायु-आधारित विकास योजना
शिमला शहर के लिए जलवायु के अनुसार विकास कार्यों को लेकर एक विशेष योजना तैयार की जा रही है। इस संबंध में गुरुवार को भराड़ी में एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें नगर निगम के महापौर समेत अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। नगर निगम जर्मन एजेंसी जीआईजेड के सहयोग से यह योजना तैयार कर रहा है। इसमें शिमला की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह तय किया जाएगा कि किस तरीके से निर्माण कार्य किए जाने चाहिए। एजेंसी ने इस संबंध में एक रिपोर्ट तैयार कर नगर निगम को सौंप दी है, जिसमें कई सुझाव और उन पर आधारित कार्य शामिल हैं। अब इसे धरातल पर उतारना नगर निगम की जिम्मेदारी होगी।
नागरिकों के लिए सुझाव
- मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की हिल कटिंग या उत्खनन कार्य न करें।
- यदि आसपास कोई अवैध खुदाई होती दिखे, तो तुरंत नगर निगम को सूचित करें।
- भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
शिमला में हिल कटिंग पर प्रतिबंध कब से लागू हुआ?
यह प्रतिबंध 9 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले आदेशों तक जारी रहेगा।
क्या निजी निर्माण कार्य भी इस प्रतिबंध में शामिल हैं?
हां, नगर निगम क्षेत्र में सरकारी और निजी दोनों तरह की परियोजनाओं में होने वाली हिल कटिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी?
आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिमला के लिए जलवायु-आधारित विकास योजना क्या है?
नगर निगम जर्मन एजेंसी जीआईजेड के सहयोग से शिमला की भौगोलिक स्थिति के अनुकूल जलवायु-आधारित विकास योजना तैयार कर रहा है, जिसमें सुरक्षित निर्माण के सुझाव शामिल हैं।