मुख्य तथ्य
- नगर निगम की संपदा शाखा ने लोअर बाजार और संजौली में दस तहबाजारियों और दुकानदारों का सामान जब्त किया।
- तहबाजारियों ने सीटू के साथ मिलकर सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया और दुकानें बंद रखीं।
- सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने नगर निगम पर गरीबों को उजाड़ने का आरोप लगाया।
पूरी खबर
शिमला, 13 जुलाई 2026। राजधानी शिमला के बाजारों में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत नगर निगम की कार्रवाई सोमवार को भी जारी रही। निगम की संपदा शाखा की टीम ने दोपहर में लोअर बाजार और शाम को संजौली में औचक निरीक्षण कर दस तहबाजारियों और दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया। यह कार्रवाई पिछले एक सप्ताह से चल रही है।
इस कार्रवाई के खिलाफ शहर के तहबाजारी एकजुट हो गए हैं। सोमवार सुबह से ही सभी बाजारों के तहबाजारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और सीटीओ चौक पर एकत्र हो गए। वहां उन्होंने सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन) के साथ मिलकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
तहबाजारियों का आरोप
सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा, "नगर निगम तहबाजारियों को बसाने में नाकाम रहा है। अब जबरन उन्हें बाजारों से उठाया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "जिस जगह तहबाजारियों को बसाने की बात कही जा रही है, वहां ग्राहक नहीं आते। अब इस क्षेत्र की सड़क तक बंद हो गई है। ऐसे में तहबाजारियों को आजीविका भवन परिसर में शिफ्ट करना गलत है।"
मेहरा ने मांग की कि तहबाजारियों को ऐसे स्थानों पर दुकानें दी जाएं जहां कारोबार चल सके। तहबाजारियों ने कहा कि नगर निगम उन्हें बसाने की बजाय उजाड़ रहा है। एक सप्ताह से कई तहबाजारियों ने एक रुपया तक की कमाई नहीं की है।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई से शहर के तहबाजारियों में भारी रोष है। उनका कहना है कि नगर निगम की यह कार्रवाई उनकी आजीविका पर सीधा प्रभाव डाल रही है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम से मांग की है कि तहबाजारियों को उचित स्थान उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अपना व्यवसाय जारी रख सकें।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह मामला शिमला के तहबाजारियों की आजीविका से जुड़ा है। नगर निगम की कार्रवाई और तहबाजारियों के प्रदर्शन से शहर के बाजारों में तनाव है। आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिमला में अतिक्रमण हटाओ अभियान क्यों चल रहा है?
नगर निगम शहर के बाजारों में अवैध कब्जे हटाने के लिए यह अभियान चला रहा है, जिसमें तहबाजारियों और दुकानदारों का सामान जब्त किया जा रहा है।
तहबाजारियों का मुख्य आरोप क्या है?
तहबाजारियों का आरोप है कि नगर निगम उन्हें बसाने में नाकाम रहा है और अब जबरन उन्हें बाजारों से उठाकर ऐसी जगह शिफ्ट कर रहा है जहां ग्राहक नहीं आते, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन) के नेता विजेंद्र मेहरा ने किया।
नगर निगम की कार्रवाई से तहबाजारियों पर क्या असर पड़ा है?
तहबाजारियों के अनुसार, एक सप्ताह से चल रही इस कार्रवाई के कारण कई तहबाजारियों ने एक रुपया भी नहीं कमाया है और उनकी दुकानें बंद हैं।