मुख्य तथ्य
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए इसे 'महाझूठ और महाबकवास' बताया। उन्होंने विपक्ष से राजनीति करने के बजाय जांच में सहयोग करने की अपील की। यह प्रतिक्रिया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के आरोपों के बाद आई है।
पूर्व मुख्यमंत्री का बयान
पालमपुर (कांगड़ा) में मीडिया से बातचीत में शांता कुमार ने कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना से पूरा देश आहत है, लेकिन इसे भाजपा से जोड़ना तर्कहीन है। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर चंदा चोरी संबंधी बयान को महा झूठ और महा बकवास है। विपक्ष को इस मामले में राजनीति करने के बजाय जांच में सहयोग करना चाहिए।'
शांता कुमार ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता आज भाजपा पर चंदा चोरी का आरोप लगा रहे हैं, जबकि यह वही लोग हैं जिन्होंने कभी राम सेवकों पर गोलियां चलाई थीं। उन्होंने कहा, 'जहां राम होते हैं वहां रावण और जहां कृष्ण होते हैं वहां कंस भी होता है।'
कांग्रेस के आरोप और विरोध की योजना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर में चंदा चोरी भाजपा की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस 14 जुलाई को जिला मुख्यालयों में भजन-कीर्तन कर इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।
शांता कुमार की प्रतिक्रिया
शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और प्रतिदिन अपराध व हत्याएं हो रही हैं, लेकिन इन सभी वारदातों की जिम्मेदारी सीधे कांग्रेस पर नहीं थोपी जा सकती। उन्होंने विश्वास जताया कि अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे और जेलों में सड़ेंगे। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे आलोचना करने के बजाय जांच को सही दिशा में ले जाने के लिए सुझाव दें।
आगे की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस जांच जारी है। शांता कुमार ने उम्मीद जताई कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा करने की अपील की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शांता कुमार ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों पर क्या कहा?
शांता कुमार ने इन आरोपों को महाझूठ और बकवास बताया और विपक्ष से जांच में सहयोग करने का आग्रह किया।
विनय कुमार ने क्या आरोप लगाए थे?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर में चंदा चोरी भाजपा की सोची-समझी साजिश है।
शांता कुमार ने विपक्ष को क्या सुझाव दिया?
उन्होंने विपक्ष से आलोचना के बजाय जांच को सही दिशा देने के लिए सुझाव देने को कहा।