पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का बयान
पालमपुर (कांगड़ा) से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने शनिवार, 11 जुलाई 2026 को जनसंख्या दिवस के अवसर पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत हर साल जनसंख्या दिवस मनाकर केवल ढोंग करता है, जबकि वास्तविकता यह है कि देश की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है।
जनसंख्या के आंकड़े
शांता कुमार ने बताया कि 1947 में जब देश आजाद हुआ था, तब भारत की जनसंख्या 39 करोड़ थी। आज यह बढ़कर 145 करोड़ हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि जनसंख्या को 100 करोड़ पर ही रोक दिया गया होता, तो देश में इतनी भयानक गरीबी और बेरोजगारी नहीं होती।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चार पत्र लिखे, लेकिन आज तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री बहुत काम कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती आबादी की भयानक समस्या पर उन्होंने कोई उचित कार्रवाई नहीं की।'
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जनसंख्या विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में जनसंख्या नियंत्रण के लिए ठोस नीतियों की आवश्यकता है। शांता कुमार के बयान ने इस बहस को फिर से गर्म कर दिया है कि क्या सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिए पर्याप्त प्रयास कर रही है।
FAQ
शांता कुमार ने जनसंख्या दिवस पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भारत हर साल जनसंख्या दिवस पर केवल ढोंग करता है, जबकि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है।
शांता कुमार ने पीएम मोदी को कितने पत्र लिखे?
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चार पत्र लिखे, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
1947 में भारत की जनसंख्या कितनी थी?
1947 में भारत की जनसंख्या 39 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 145 करोड़ हो गई है।
शांता कुमार के अनुसार जनसंख्या कितनी होनी चाहिए थी?
उनके अनुसार यदि जनसंख्या 100 करोड़ पर रोक दी गई होती, तो गरीबी और बेरोजगारी इतनी भयानक नहीं होती।