मुख्य बातें
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने देश में बढ़ती जघन्य अपराध की घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ये अपराध पूरे समाज को पीड़ा देते हैं।
शांता कुमार का बयान
पालमपुर (कांगड़ा) में एक कार्यक्रम के दौरान शांता कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मासूम के साथ दरिंदगी के बाद हत्या, हैदराबाद में जमानत पर छूटे एक दोषी द्वारा पीड़िता समेत छह लोगों की हत्या और पंजाब के मानसा में पति द्वारा शक के आधार पर पत्नी की गला घोंटकर हत्या जैसी घटनाएं बेहद हृदयविदारक हैं।
उन्होंने कहा, 'ऐसी हृदयविदारक घटनाओं को पढ़कर आंख में आंसू आ जाते हैं। इन अपराधों से न केवल पीड़ितों और अपराधियों का जीवन बर्बाद होता है, बल्कि पूरे समाज को कष्ट झेलना पड़ता है।' शांता कुमार ने ईश्वर से ऐसे अपराधियों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
हिमाचल सरकार के फैसले की सराहना
अपराधों पर चिंता जताने के साथ ही शांता कुमार ने हिमाचल प्रदेश सरकार के एक फैसले की भी सराहना की। उन्होंने राज्य के सभी मंदिरों में चढ़ावे की गिनती के लिए नए सख्त नियम बनाने के कदम को सराहनीय बताया और मुख्यमंत्री को बधाई दी।
समाज पर प्रभाव
शांता कुमार ने जोर देकर कहा कि अपराध केवल पीड़ितों को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करते हैं। उन्होंने समाज से ऐसी घटनाओं के खिलाफ एकजुट होने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शांता कुमार ने किन घटनाओं का जिक्र किया?
उन्होंने गाजियाबाद में मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, हैदराबाद में जमानत पर छूटे दोषी द्वारा छह लोगों की हत्या और मानसा में पति द्वारा पत्नी की गला घोंटकर हत्या का जिक्र किया।
शांता कुमार ने अपराधों के समाज पर प्रभाव के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ये अपराध पूरे समाज को पीड़ा देते हैं, न केवल पीड़ितों और अपराधियों का जीवन बर्बाद होता है बल्कि पूरे समाज को कष्ट झेलना पड़ता है।
शांता कुमार ने हिमाचल सरकार के किस फैसले की सराहना की?
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सभी मंदिरों में चढ़ावे की गिनती के लिए नए सख्त नियम बनाने के फैसले की सराहना की और मुख्यमंत्री को बधाई दी।