मुख्य तथ्य
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने तेलंगाना हाईकोर्ट में दो रिट याचिकाएं दायर कर तेलंगाना सरकार द्वारा अपनी पांच एकड़ जमीन की ई-नीलामी को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति एन.वी. श्रवण कुमार गुरुवार (6 मई) को इस मामले की सुनवाई करेंगे।
विवरण
SBI की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बी.एस. प्रसाद और एन. वेंकटरमण ने पेश होकर बताया कि 2010 में तत्कालीन संयुक्त आंध्र प्रदेश सरकार ने रंगारेड्डी जिले के रायदुर्ग स्थित हैदराबाद नॉलेज सेंटर में पांच एकड़ जमीन स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (SBH) को कार्यालय निर्माण के लिए आवंटित की थी। SBH ने 13.33 करोड़ रुपये का भुगतान किया और आंध्र प्रदेश औद्योगिक बुनियादी ढांचा निगम लिमिटेड (APIIC) से आवंटन पत्र प्राप्त किया। 2011 में APIIC और SBH के बीच भूमि बिक्री समझौता हुआ। SBI ने बताया कि इस जमीन पर बैंक की शाखा और तीन एटीएम केंद्र बनाए गए और भवन निर्माण की समयसीमा सरकार को प्रस्तुत की गई।
सरकार का कदम और अदालती कार्यवाही
हालांकि, 22 जनवरी 2021 को सरकार ने भूमि आवंटन रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। SBI ने हाईकोर्ट का रुख किया, जिसने रद्दीकरण आदेश को खारिज कर सरकार को बैंक के अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया। SBI के अनुसार, 2021 का रद्दीकरण आदेश अब कानूनी रूप से अस्तित्वहीन है। एक अन्य याचिका में हाईकोर्ट ने सरकार को साइट पर कार्यालय परियोजना के कार्यान्वयन के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। सरकार ने अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने पिछले आदेशों को बरकरार रखा।
ई-नीलामी और याचिका
इस बीच, सरकार ने 6 मई को इस जमीन की ई-नीलामी का नोटिस जारी कर जमीन बेच दी। SBI ने इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में लंच मोशन के जरिए याचिकाएं दायर कीं। विशेष सरकारी अधिवक्ता राहुल रेड्डी ने निर्देश लेने के लिए समय मांगा, जिसके बाद न्यायाधीश ने मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
प्रभाव
यह मामला सरकारी भूमि आवंटन और निजी बैंकों के अधिकारों के बीच संतुलन को उजागर करता है। SBI का कहना है कि सरकार ने अदालती आदेशों की अवहेलना करते हुए नीलामी की, जबकि सरकार का पक्ष अभी स्पष्ट नहीं है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- SBI ने तेलंगाना हाईकोर्ट में अपनी जमीन की नीलामी को चुनौती दी है।
- यह जमीन मूल रूप से स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद को आवंटित की गई थी, जो बाद में SBI में विलय हो गया।
- हाईकोर्ट ने पहले सरकार के रद्दीकरण आदेश को खारिज कर दिया था, लेकिन सरकार ने फिर भी नीलामी कर दी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SBI ने तेलंगाना हाईकोर्ट में क्या याचिका दायर की है?
SBI ने तेलंगाना सरकार द्वारा अपनी पांच एकड़ जमीन की ई-नीलामी को चुनौती देते हुए दो रिट याचिकाएं दायर की हैं।
यह जमीन SBI को कब और कैसे आवंटित हुई थी?
2010 में तत्कालीन संयुक्त आंध्र प्रदेश सरकार ने यह जमीन स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (जो बाद में SBI में विलय हो गया) को आवंटित की थी, जिसके लिए 13.33 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
न्यायमूर्ति एन.वी. श्रवण कुमार गुरुवार (6 मई) को इस मामले की सुनवाई करेंगे।
स्रोत: www.thehindu.com