सावन 2026: श्रावण मास की शुरुआत और समाप्ति
भगवान शिव को समर्पित श्रावण (सावन) मास इस वर्ष 16 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 16 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस पवित्र महीने में श्रद्धालु शिव मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला सहित विभिन्न जिलों में मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
सावन के चार सोमवार की तिथियां
कर्क संक्रांति के अनुसार व्रत रखने वालों के लिए इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे:
- 20 जुलाई 2026 (सोमवार)
- 27 जुलाई 2026 (सोमवार)
- 3 अगस्त 2026 (सोमवार)
- 10 अगस्त 2026 (सोमवार)
वहीं, श्रावण कृष्ण पक्ष से सोमवार व्रत शुरू करने वालों के लिए तिथियां 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त होंगी। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार इन दिनों व्रत रख सकते हैं।
सावन मास का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस महीने में शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प चढ़ाने का विशेष महत्व है। 'ॐ नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि सावन में शिव आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि आती है।
हिमाचल के मंदिरों में तैयारियां
सावन के दौरान हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। शिमला सहित विभिन्न जिलों में मंदिर समितियां विशेष व्यवस्थाएं कर रही हैं। भजन संध्या, सामूहिक रुद्राभिषेक और धार्मिक प्रवचन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संयम और साधना का संदेश
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, सावन केवल पूजा-पाठ का महीना नहीं, बल्कि संयम, सेवा और सात्विक जीवनशैली अपनाने का भी संदेश देता है। हिमाचल प्रदेश में यह महीना श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सावन 2026 कब शुरू हो रहा है?
सावन 2026 16 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक रहेगा।
सावन 2026 में कितने सोमवार हैं?
कर्क संक्रांति के अनुसार चार सोमवार 20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त और 10 अगस्त को हैं। श्रावण कृष्ण पक्ष के अनुसार 3, 10, 17, 24 अगस्त को।
सावन के सोमवार का व्रत कैसे करें?
सोमवार को शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाएं और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।