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सरकारी पैनल ने ‘सतलुज’ फिल्म पर राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए uapa का किया उल्लेख

प्रमुख तथ्य सरकार के अंतर-विभागीय समिति (IDC) ने फिल्म ‘सतलुज’ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इसे UAPA के तहत प्रतिबंधित करने की सिफारिश की है। यह फिल्म हनी त्रेहान द्वारा निर्देशित है…

प्रमुख तथ्य

सरकार के अंतर-विभागीय समिति (IDC) ने फिल्म 'सतलुज' को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इसे UAPA के तहत प्रतिबंधित करने की सिफारिश की है। यह फिल्म हनी त्रेहान द्वारा निर्देशित है और इसमें दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है, जिनकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।

समिति की चिंताएं

IDC ने अपने 9 जुलाई के आदेश में कहा कि 'खालिस्तान से जुड़ा प्रचार, विदेशी अलगाववादी गतिविधियां और शत्रुतापूर्ण सूचना अभियान लगातार चिंता का विषय हैं, और कई प्रो-खालिस्तान संगठन UAPA के तहत आतंकवादी संगठनों के रूप में सूचीबद्ध हैं।' समिति ने यह भी कहा कि 'पंजाब की वर्तमान सुरक्षा स्थिति में यह फिल्म युवाओं में अलगाववादी भावना को पुनर्जीवित करने का उपकरण बन सकती है।'

पाकिस्तान के दुरुपयोग का आरोप

समिति ने चेतावनी दी कि 'फिल्म का उपयोग शत्रु राज्यों और गैर-राज्य अभिनेताओं द्वारा भारतीय राज्य द्वारा सिखों के उत्पीड़न का भ्रामक आख्यान फैलाने के लिए किया जा सकता है। पाकिस्तान स्थित अभिनेताओं ने पहले ही फिल्म को भारतीय राज्य की क्रूरता के सबूत के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।'

फिल्म की एकतरफा प्रस्तुति

समिति ने पाया कि फिल्म की 'एकतरफा प्रस्तुति प्रो-खालिस्तान प्रचार की संरचना से मेल खाती है, जो दावा करता है कि सिखों को सामूहिक रूप से निशाना बनाया गया, राज्य ने सच्चाई को दबाया, अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप आवश्यक है, और राज्य के आंकड़ों के खिलाफ हिंसा नैतिक रूप से उचित है।'

आगे की कार्रवाई

समिति ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को सिफारिश की है कि फिल्म को IT अधिनियम की धारा 69A के तहत अवरुद्ध रखा जाए। फिल्म को 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन दो दिन बाद भारत में इसे हटा लिया गया।

FAQ

सतलुज फिल्म किस पर आधारित है?

यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने पंजाब में आतंकवाद के दौरान सैकड़ों लापता लोगों की जांच की थी।

सरकारी पैनल ने फिल्म पर प्रतिबंध की सिफारिश क्यों की?

पैनल के अनुसार, फिल्म खालिस्तानी प्रचार को बढ़ावा दे सकती है और पाकिस्तान जैसे देश इसका दुरुपयोग कर सकते हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है।

UAPA का इस फिल्म से क्या संबंध है?

पैनल ने UAPA के तहत प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठनों का हवाला देते हुए कहा कि फिल्म उनके प्रचार में मदद कर सकती है।

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