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केरल के सरोवरम बायो पार्क में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विरोध में उठी आवाज़, मैंग्रोव विनाश का आरोप

मुख्य तथ्य केरल के कोझिकोड में स्थित सरोवरम बायो पार्क के पास प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस निर्माण से मैंग्रोव और आर्द्रभूमि…

मुख्य तथ्य

केरल के कोझिकोड में स्थित सरोवरम बायो पार्क के पास प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस निर्माण से मैंग्रोव और आर्द्रभूमि का विनाश हो रहा है। पौरवक्ष समरक्षण समिति ने इस मामले में विभिन्न सरकारी विभागों को शिकायत दर्ज कराई है।

विस्तार से जानकारी

समिति के अध्यक्ष सतीश परन्नूर के अनुसार, साइट निरीक्षण में एविसेनिया ऑफिसिनैलिस (स्थानीय रूप से उप्पूथा के नाम से जाना जाने वाला मैंग्रोव) के अवशेष और न्यूमेटोफोर (श्वसन जड़ें) पाए गए, साथ ही स्थिर खारा पानी भी मौजूद था। शिकायत में कहा गया है कि जेसीबी मशीन से पेड़ और वनस्पति उखाड़ दिए गए और फिर उस क्षेत्र को मिट्टी से भर दिया गया। कई दुर्लभ पौधों की प्रजातियों के नष्ट होने का भी आरोप है।

कानूनी और पर्यावरणीय पहलू

परन्नूर ने कहा कि मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र को पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है और यह तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) अधिसूचना, 2011 के तहत CRZ-I श्रेणी में आता है। CRZ-I क्षेत्रों में STP जैसी निर्माण गतिविधियाँ और भूमि सुधार प्रतिबंधित हैं। समिति ने आरोप लगाया कि ये गतिविधियाँ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि केरल जल प्राधिकरण (KWA) के एक अधिकारी ने प्रमाणित किया कि साइट आर्द्रभूमि नहीं है, जिससे STP के निर्माण में सुविधा हुई।

प्रभाव और मांगें

शिकायत केरल तटीय प्रबंधन प्राधिकरण (KCZMA), वन विभाग, कोझिकोड जिला कलेक्टर, राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण केरल (SWAK), केरल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कोझिकोड नगर निगम और केरल के मुख्य सचिव को भेजी गई है। समिति ने मांग की है कि KCZMA और वन विभाग तुरंत संयुक्त साइट निरीक्षण करें और शिकायतकर्ता को पूर्व सूचना दें ताकि वह निरीक्षण में भाग ले सके। साथ ही, साइट की CRZ स्थिति स्पष्ट होने तक निर्माण गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाने, पर्यावरणीय क्षति के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और KWA की लागत से नष्ट हुई आर्द्रभूमि एवं मैंग्रोव की बहाली की मांग की गई है।

पृष्ठभूमि

मई 2026 में, तत्कालीन जिला कलेक्टर स्नेहिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक में कोझिकोड निगम को सरोवरम STP के लिए अनुवर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया गया था, जिसे पहले ही निर्माण की मंजूरी मिल चुकी थी। शिकायत के साथ साइट की तस्वीरें और वीडियो भी सबूत के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।

FAQ

सरोवरम बायो पार्क में STP का विरोध क्यों हो रहा है?

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि STP के निर्माण से मैंग्रोव और आर्द्रभूमि नष्ट हो रही है, जो पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं।

इस मामले में किन अधिकारियों को शिकायत दी गई है?

केरल तटीय प्रबंधन प्राधिकरण, वन विभाग, जिला कलेक्टर, राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम और मुख्य सचिव को शिकायत दी गई है।

पर्यावरणीय क्षति के लिए क्या कार्रवाई की मांग की गई है?

संयुक्त निरीक्षण, निर्माण पर रोक, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और KWA की लागत से नष्ट हुई आर्द्रभूमि एवं मैंग्रोव की बहाली की मांग की गई है।

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